ज्ञानपुर। कोरोना संक्रमण की हालत दिन ब दिन बदतर होती जा रही है। सूबे में ही नहीं जिले में भी अस्पतालों में ऑक्सीजन का संकट खड़ा हो गया है। जिससे मरीजों की दिन भर सांस फूल रही है। सरकारी आंकड़ों में भले ही दो से तीन दिन में एक संक्रमित की मौत दिखाया जा रहा है, लेकिन हकीकत इससे इतर है। निजी अस्पतालों में आक्सीजन न होने से हर रोज चार से पांच संक्रमितों की मौत हो रही है।
कोरोना वायरस की दूसरी लहर जानलेवा हो चुकी है। संक्रमित को बुखार आने के बाद सांस लेने में दिक्कत हो रही है। सुविधा के नाम पर भदोही नगर में स्थित महाराजा बलवंत सिंह जिला चिकित्सालय संग एक निजी अस्पताल को कोरोना मरीजों के उपचार के लिए नामित हैं, लेकिन व्यवस्थाएं न होने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग की सूची में गुजरे एक सप्ताह में करीब एक हजार संक्रमित मिले और दो की मौत हुई जबकि चौरी, डीघ, सुरियावां, ज्ञानपुर में एक सप्ताह के अंदर करीब 10 से 12 लोगों की मौत हो गई। इसमें एक सहायक निर्वाचन अधिकारी भी शामिल है। मृतक के परिवार वालों का कहना है कि सांस लेने में दिक्कत होने से मौत हुई जबकि स्वास्थ्य विभाग इससे अनभिज्ञता जता रहा है।
सोमवार को भदोही के एक बड़े अस्पताल में भर्ती शिक्षक को हैदराबाद इसलिए भेजा गया कि वहां पर आक्सीजन की कमी हो गई। भदोही के एक बड़े अस्पताल के मैनेजर के अनुसार कोरोना संक्रमण की स्थिति काफी खराब हो चुकी है। उनके अस्पताल में रविवार और सोमवार को पांच-पांच मरीज ऐसे आए जिन्हें ऑक्सीजन की सख्त जरूरत थी, लेकिन अस्पताल में आक्सीजन की सुविधा न होने से उन्हें एडमिट नहीं किया जा सका। जिले के 15 से अधिक बड़े अस्पतालों की यही हालत है जहां आक्सीजन की कमी है। ऑक्सीजन न मिलने से कोरोना संक्रमितों समेत दूसरे मरीज तड़प उठे। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. लक्ष्मी सिंह ने कहा कि एल-2 अस्पताल में आक्सीजन की व्यवस्था है। संक्रमितों को जरूरी सुविधाएं मुहैया कराई जा रही है। अभी जिले में मात्र एक निजी अस्पताल को कोविड संक्रमित के इलाज के लिए नामित किया गया है, जहां आक्सीजन की सुविधा है।
ज्ञानपुर। कोरोना संक्रमण काल में ऑक्सीजन की बढ़ी मांग से कालाबाजारी भी बढ़ गई है। 500 रुपये में मिलने वाला सिलिंडर ढाई से तीन हजार में बिक रहा है। प्रशासनिक स्तर पर भी कालाबाजारी पर रोक नहीं लग पा रही है।
ज्ञानपुर। जिले में बढ़ते कोरोना संक्रमण में जिलाधिकारी आर्यका अखौरी ने नागरिकों से अपील की है। उन्होंने कहा कि संक्रमण से कोई घबराए नहीं। संक्रमित व्यक्ति सकारात्मक सोच रखे। होम आइसोलेशन में संक्रमित को जरूरी सुविधाएं पहुंचाई जा रही है। कोरोना के इलाज की पर्याप्त व्यवस्था एवं आवश्यक दवा/इंजेक्शन उपलब्ध है। एल-2 अस्पताल में अभी बेड खाली है, जहां गंभीर रोगियों को भर्ती किया जा सकता है।