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कोरोना के पहली लहर से नहीं ली सीख

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भदोही। गत वर्ष मार्च में आए कोरोना के पहले लहर से जिले के स्वास्थ्य महकमे ने कोई सीख नहीं ली। कहा जा रहा है कि यदि पहली लहर को पूरी गंभीरता से लिया गया होता और जो कदम आज उठाए जा रहे हैं पहले ही उठाए गए होते तो निश्चित रूप से पिछले दो माह में जो मौतें हुई हैं वह न होतीं। ज्ञात हो कि पहली लहर में गत वर्ष कुल 30 लोगों की जानें गई थीं जबकि दूसरी लहर अभी चल ही रही हैं और 77 लोगों की मौतें हो चुकी है।
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प्रशासनिक अमला किस गति से काम करता है इसका आंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जब बीते वर्ष 30 लोगों की मौत हुई तो आक्सीजन प्लांट स्थापित करने के बारे में ना तो किसी जनप्रतिनिधि ने सोचा ना ही जिला प्रशासन ने। जबकि जिले में एक भी सरकारी आक्सीजन प्लांट नहीं है। इतना ही नहीं अब जब दूसरे लहर में 77 मौतें हो चुकी हैं तो स्वास्थ्य विभाग द्वारा जनपद में तीन आक्सीजन प्लांट स्थापित करने की बात कही जा रही है। उल्लेखनीय है कि सोमवार को सीएमओ डा.लक्ष्मी सिंह ने बताया था कि एक आक्सीजन प्लांट एमबीएस अस्पताल भदोही में दूसरा जिला अस्पताल ज्ञानपुर में तथा तीसरा औराई चीनी मिल में स्थापित होगा। और स्थिति यह है कि ये आक्सीजन प्लांट कब तक स्थापित होंगे अभी यह भी स्पष्ट रूप से पता नहीं है।
इस बावत सीएमओ का कहना है कि सांसद निधि से और औराई विधायक निधि से 35-35 लाख रुपये मिले हैं। जिससे एमबीएस अस्पताल में प्लांट स्थापित होगा। बाकी की स्थापना कब और कैसे होगी धन कहां से आएगा यह भी स्पष्ट नहीं है। 8 आक्सीजन केंसेंट्रेटर्स सुरियावां के लिए तथा 8 औराई ट्रामा सेंटर के लिए मंगाए जा चुके हैं यदि यही काम पहले कर लिया गया तो शायद वर्तमान में कोविड मरीजों के उपचार में आ रही दिक्कतों से बचा जा सकता है ऐसा आम जनता का मानना है। कुल मिलाकर देखा जाए तो कोरोना के पहले लहर के समय जिले में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की जो बदहाली थी वैसी ही आज भी बनी हुई है।
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