गोपीगंज। कार्तिक पूर्णिमा पर मंगलवार को गंगा में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाकर मोक्षदायिनी से सुख-समृद्धि की कामना की। भीड़ की अधिकता के चलते राजमार्ग जहां सुबह से शाम तक जाम के झाम में जूझता रहा, वहीं रेलवे स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं का अभाव बने रहने से बैठने और पेयजल की समस्या बनी रही। भोर से ही पुलिस प्रशासन सभी छोटी-बड़ी सड़कों पर यातायात को सुगम बनाने के लिए हांफती नजर आई। घाटों पर महिला-पुरुष जवानों के साथ जल पुलिस ने व्यापक सुरक्षा कर किसी भी अनहोनी से निबटने के लिए तैयार देखी गई।
मेला क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था का एसडीएम ज्ञानपुर कविता मीना, सीओ कालू सिंह, कोतवाल कृष्णानंद राय पुलिस-पीएससी के साथ घाटों पर जायजा लेते रहे। स्नान के लिए पहुंचने वाले घर-गृहस्थी के सामानों जमकर खरीदारी की गई। रामपुर घाट पर लगने वाला कार्तिक पूर्णिमा का मेला पूरे पूर्वांचल में अपना अलग पहचान रखता है। मंगलवार को रामपुर घाट पर एक दिन पहले से ही लाखों लोगों के आने का सिलसिला शुरू हो गया था। इलाहाबाद, जौनपुर, मिर्जापुर जिले से भी लोग स्नान करने को पहुंचे थे। गंगा घाट पर भोर से ही लोग आस्था की डुबकी लगानी शुरू कर दी थी। पुलिस प्रशासन के दावों को माने तो तीन लाख के लगभग लोगों ने गंगा में डुबकी लगाई। कोतवाल कृष्णानंद राय का कहना रहा कि तीन लाख से अधिक पहुंचे श्रद्धालुओं को घाट तक पहुंचने और सुरक्षा में कमी नहीं छोड़ी गई। गंगा में बैरिकेडिंग कर मोटर बोट से भी निगरानी होती रही। स्नान के समय डूबने व बहने वालों की सुरक्षा के लिए घाट पर गोताखोर की भी व्यवस्था की गई थी। अग्निकांड की घटनाओं से निजात पाने के लिए फायर ब्रिगेड की गाड़ियां, एंबुलेंस तैनात रहीं। छोटे-बड़े वाहनों को अस्थाई स्टैंड और आस-पास के मैदानों में खड़ा करा दिया गया था। ग्राम प्रधान छोटेलाल सरोज, पूर्व प्रधान आधा प्रसाद तिवारी, राजस्व निरीक्षक अनिल कुमार श्रीवास्तव, लेखपाल रमाशंकर लाल, दीपिका यादव, जल पुलिस सहित प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस बल मौजूद थे। मेला क्षेत्र में सजी छोला-समारो, चाट-पकौड़ी, फुल्की, जलेबी आदि की बिक्री में इजाफा बना रहा। महिलाएं सौंदर्य प्रसाधन की दुकानों पर जुटी रहीं तो वहीं युवक और बड़े लोग मनोरंजन के संसाधनों की ओर मुखातिब रहे। गृहस्थी में प्रयुक्त होने वाली सूप, चलनी, दूध पकाने वाली मेटी आदि जैसे सामानों की जमकर बिक्री की गई।
सूखी टोटियां, शोपीस बने रहे हैंडपंप
गोपीगंज। कार्तिक पूर्णिमा स्नान पर्व को देखते हुए पूर्वोत्तर रेलवे के ज्ञानपुर रोड रेलवे स्टेशन पर जगह का अभाव पड़ गया था। सूखी पड़ी टोटियों और शोपीस बने हैंडपंपों पर पहुंच कर मेलार्थी पेयजल के लिए परेशान रहे। दोहरीकरण के कारण चल रहे निर्माण कार्यों से भी मेलार्थी इधर-उधर भटकते नजर आए। निर्माण में प्रयुक्त होने वाले उपकरणों से उन्हें किसी अनहोनी को लेकर चिंता अंत तक सताती रही। दोनों प्लेटफार्मों के फुल हो जाने से मेलार्थी रेलवे लाइन पर बैठते और टहलते देखे गए। इस कारण आने-जाने वाली ट्रेनों को लंबे समय तक हार्न का प्रयोग करना पड़ा।
स्नान के बाद आशीर्वाद का भी चला दौर
गोपीगंज। पूर्वांचल में चर्चित रामपुर गंगा घाट का स्नान पर्व भले ही अलग छाप छोड़ता हो, लेकिन परिवारों के साथ घाट पर पहुंच स्नान करने वाले माता-पिता के आशीर्वाद लेने से नहीं चूंके। युवक-युवतियां दादा-दादी, पुत्र-पुत्रियां माता-पिता आदि जैसे संबंधों की परंपरा अनवरत निभाने के लिए चंदन और टीका लगाकर आशीर्वाद लिया जाता रहा। वहीं आशीर्वाद के रूप में परिजन सुखमय जीवन की कामना की जाती रही।