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Devotees also gathered in the fair on the second day, the mazar's ghusl was done

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गाजी मियां के मजार को गुस्ल कराने के लिए भिश्तियों द्वारा निकाला गया अखाड़ा - फोटो : BHADOHI
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फोटो 51, 52, 53
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मेले में दूसरे दिन भी उमड़े श्रद्धालु, मजार का कराया गुस्ल
संवाद न्यूज एजेंसी
भदोही। गाजी मियां के मेले के दूसरे दिन उनके आस्ताने पर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। दूरदराज से आए हजारों अकीदतमंदों ने मजार पर चादर चढ़ाई और मन्नतें मांगीं। सुबह और शाम भारी भीड़ रही। दोपहर में आंधी आने के बाद जायरीमों को गर्मी से थोड़ी राहत मिली। मेले में देर रात तक भीड़ जमी हुई थी। हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल इस मेले में हर वर्ग के लोग जायरीनों की खिदमत में लगे रहे।
लगातार दूसरे दिन भी श्रद्धालु मजार पर चादरपोशी करने के साथ मुर्गा, मलीदा चढ़ाते रहे। इस दौरान मेला कमेटी के पदाधिकारी व्यवस्था में लगे रहे। मेले में बड़ों के आगे बच्चों की खूब चली और भारी संख्या में अभिभावक बच्चों के साथ मेला देखने पहुंचे। सर्कस, मौत का कुआं, गुब्बारे पर निशाना साधने वालों की भीड़ लगी रही। ऊंचे-ऊंचे झूलों की तो बात ही कुछ और थी जिसका किशोरों और बालकों ने जमकर आनंद लिया। मेले में नगर पालिका द्वारा पेयजल की व्यवस्था कराई गई थी, लेकिन इसके बाद भी मसक से घूम घूम कर पानी पिलाने वाले अकीदतमंदों की कमी नहीं थी। मेले के चलते मेन रोड अजिमुल्लाह चौराहे से लेकर मेले तक सड़क पर पैदल आते जाते लोग दिखाई पड़ रहे थे। दो वर्ष के बाद मेले में ग्रामीण श्रद्धालुओं की संख्या अधिक दिखी। मेला क्षेत्र में सुबह से लेकर शाम तक पुलिस और नगर पालिका कर्मी चक्रमण करते नजर आए। नगर पालिका का कैंप भी गुलजार रहा। जिसमे दो दर्जन खोए बच्चों को उनके माता-पिता तक पहुंचाया गया। तीसरे दिन मेला अंबर नीम पर लगेगा जिसे सुकालीगंज के मेले के नाम से जाना जाता है।
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मजार के गुस्ल के साथ हुआ समापन
भदोही। मेले के दूसरे दिन हर हाल दोपहर बाद सैय्यद सालार मसऊद गाजी मियां के मजार को गुस्ल कराने की परंपरा रही है। मेले में जायरीनों को मसक से पानी पिलाने वाले भिश्ती दो दिन सेवा करने के बाद शाम को अखाड़ा निकालते हैं। अंत में मजार को गुस्ल कराने के बाद मेले का समापन हो जाता है।
सोमवार को दोपहर तीन बजे भिश्तियों का अखाड़ा मेला क्षेत्र के कुएं से पानी लेकर निकला। सबके हाथ में पानी से भरा घड़ा या चमड़े के मसक में पानी था। बाबा की शान में कसीदे पढ़ते हुए लोग मजार की ओर बढ़ रहे थे। अखाड़े में भारी संख्या में अकीदतमंद जायरीन भी शामिल थे। एक घंटे तक मेला क्षेत्र में भ्रमण करने के बाद रौजे के मुख्य दरवाजे पर पहुंचे तो वहां उनका फूलों से इस्तकबाल किया गया। लोगों ने अखाड़े में शामिल लोगों पर फूल बरसाए। अखाड़े के अध्यक्ष जमील अंसारी, हाजी मुर्शिद अंसारी, आजाद अंसारी, नबीउल्लाह अंसारी, कुरबान मंसूरी, सगीर अहमद, जाहिद शाह, आशिक अली, मो. अली आदि शामिल रहे।
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आज अंबर नीम पर लगेगा मेला
भदोही। गाजी मियां का मेला हालांकि दो दिन का होता है लेकिन कई दशक से यह मेला चार दिन का होने लगा है। परंपरागत रूप से मर्यादपट्टी में दो दिन मेला होने के बाद तीसरे दिन मंगलवार को अंबर नीम पर मेला लगेगा। इसे सुकालीगंज का मेला कहा जाता है। यह मेला विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों के लिए लगता है तथा सौदर्य प्रसाधन के सामानों, आर्टीफिशियल ज्वेलरी की खरीदारी होती है। बच्चों के खिलौने आदि भी यहां खूब बिकते हैं। मेले में कोतवाली पुलिस द्वारा महिलाओं को शोहदों से बचाने के लिए पुलिस की तैनाती भी की जाती है।
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लेकिन आंधी से नहीं बच सके
भदोही। मेले के दौरान हर साल आंधी के साथ बारिश होती रही है। इस वर्ष बारिश तो नहीं हुई लेकिन शनिवार की रात और सोमवार को दोपहर 2.30 बजे तेज आंधी आने से 30 मिनट तक दुकानदारी प्रभावित हुई। आंधी इतनी तेज थी कि जायरीन जो जहा थां वहीं दुबक कर रह गया। जिनके साथ बच्चे थे उन्हें खासी मशक्कत करनी पड़ी। इस दौरान दुकानदारों को काफी नुकसान उठाना पड़ा। चुन्ना, चमन, मोहन, राधे, मनोज आदि ने कहा कि गाजी मियां का करम रहा कि आंधी के साथ बारिश नहीं थी नहीं तो हमें और नुकसान उठाना पड़ता।
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