जिलाधिकारी आर्यका अखौरी की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक हुई। इसमें महिलाओं के लैंगिक उत्पीड़न अधिनियम 2013 के लागू होने के आठ साल पूर्ण होने पर चर्चा की गई।
बैठक में डीएम ने विभागीय अधिकारियों को अपने विभागों में आंतरिक परिवार समिति का गठन करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि यदि किसी महिला कार्मिक शिकायत करती है और आंतरिक परिवाद समिति के निर्णय से संतुष्ट नहीं होती है तो वह अपना प्रकरण स्थानीय परिवार समिति जो जनपद स्तर पर गठित है, उसमें रख सकती है। बैठक में महिलाओं के लिए चलाई जा रही योजनाओं पर प्रकाश डाला गया। डीएम ने कहा कि किसी महिला के खिलाफ अपमानजनक शब्द या उनकी गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले शब्द का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। महिलाओं के साथ भेदभाव या लैंगिक उत्पीड़न की घटना प्रकाश में नहीं आनी चाहिए। आगाह किया कि यदि इस प्रकार की कोई घटना संज्ञान में आती है तो संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रोबेशन अधिकारी शत्रुघ्न कन्नौजिया ने बताया कि विभाग एवं जिला स्तरीय समितियां गठित कर दी गई है। इस मौके पर सीडीओ भानु प्रताप सिंह, सीएमओ डॉ. संतोष चक, बीएसए भूपेंद्र नारायण सिंह, डीपीओ मंजू वमा, जिला कृषि अधिकारी अशोक कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी महेंद्र यादव आदि मौजूद रहे।