बिजली निजीकरण और बिना नोटिस संविदा कर्मियों को हटाए जाने के विरोध में पूरे प्रदेशव्यापी प्रदर्शन के तहत भदोही के बिजली कर्मचारियों ने लगातार तीसरे दिन बुधवार को रजपूरा स्थित अधीक्षण अभियंता कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी की।
विद्युत कर्मियों ने कहा कि अब बिना नोटिस के संविदा कर्मियों को हटाने का क्रम शुरू हो गया है। यह प्रदेश सरकार की ढिठाई है। हम ऐसा नहीं होने देंगे। यदि ऐसा हो गया तो हजारों लाखों लोग बेरोजहार हो जाएंगे। समिति के लोगों ने कहा कि निजीकरण और संविदा कर्मियों को हटाए जाने के विरोध में कल भी विरोध प्रदर्शन चलता रहेगा।
कहा कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण का ऐलान होते ही पॉवर कारपोरेशन प्रबंधन ने बिजली कर्मचारियों, संविदा कर्मियों और अभियंताओं की बड़े पैमाने पर छंटनी की योजना तैयार की है। जिला सह संयोजक सत्यप्रकाश मौर्या ने कहा कि योजनाबद्ध तरीके से पहले अत्यन्त अल्प वेतन वाले संविदा कर्मियों की छंटनी की जा रही है। जिससे संविदा कर्मियों के सामने भीख मांगने तक की नौबत आ गई है।
कहा कि प्रबंधन ने पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण की बात कही है, लेकिन सभी निगमों से जुड़े संविदा कर्मियों को हटाया जा रहा है। जिससे साफ है कि प्रबंधन की योजना संपूर्ण ऊर्जा क्षेत्र का निजीकरण करने की है। नारेबाजी करते हुए संघर्ष समिति ने प्रबन्धन को पत्र भेजकर छंटनी का आदेश निरस्त करने की मांग की है। मौके पर उदयभान पाल, संजय, अमित कुमार, सत्य प्रकाश यादव, दिनेश मौर्या, इंदल मौर्या, रोहित आदि रहे।