इस दौरान सरकार के खिलाफ आंदोलन का बिगुल फूंकते हुए कहा कि शिक्षक संघर्ष के दम पर अपनी मांगों को मनवाएंगे। शिक्षक विधायक चेत नारायण सिंह ने भी धरने में शामिल होकर आंदोलनकारी शिक्षकों का उत्साह बढ़ाया।
कहा कि मांग पूरी होने तक शिक्षक संघर्ष करेंगे। अंत में मुख्यमंत्री को संबोधित 14 सूत्री मांगों का ज्ञापन डीआईओएस को सौंपा गया।
शिक्षक विधायक चेत नारायण सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री और प्रमुख सचिव ने संगठन की चार मांगों पर ध्यान नहीं दिया।
इनमें वित्तविहीन शिक्षकों को मानदेय, तदर्थ शिक्षकों का विनियमितीकरण, सीटी से एलटी ग्रेड में संविलीन करने और प्रोन्नत वेतनमान के लिए स्नातकोत्तर उपाधि की बाध्यता खत्म करना शामिल है।
आश्वासन के बाद भी शासनादेश नहीं जारी किया गया। उन्होंने कहा कि सरकार से वार्ता चल रही है, जल्द ही सुखद निर्णय आएंगे। हालांकि उनकी मांगें पूरी होने तक संघर्ष चलता रहेगा।
मंडलीय अध्यक्ष वीरेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि शिक्षक हित के लिए संगठन आर-पार की लड़ाई लड़ेगा। संगठन की ताकत से तदर्थ शिक्षकों के नियमितीकरण का आदेश मंत्रिमंडल से पारित हो चुका है।
संगठन के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र प्रताप सिंह, शेषधर दूबे, घनश्याम उपाध्याय, दिनेश चंद्र गुप्त, प्यारेलाल पाल, अखिलेश यादव ने भी सभा को संबोधित किया। अंत में शिक्षकों ने मुख्यमंत्री को संबिोधित ज्ञापन डीआईओएस को दिया। धरने में संत सेवक सिंह, सुदर्शन राम, विमल चंद्र, सत्येंद्र सिंह, अशोक श्रीवास्तव, रमाशंकर यादव सहित कई लोग रहे। धरने का संचालन वासुदेव तिवारी ने किया।