भदोही। जिले के कालीन उद्यमी, कारखाना संचालक 3 मई तक लॉकडाउन में ही रहेंगे। जिला प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराया गया सहमती पत्र उन्होंने नामंजूर कर दी। उनका कहना था कि प्रशासन हमें काम कराने की अनुमति दे रहा है लेकिन उसके बदले तमाम शर्तें रख रहा है जिसे हर किसी के लिए पालन करना पाना आसान नहीं होगा। ये बातें सोमवार को कलेक्ट्रेट में अपर जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार मिश्र की अध्यक्षता में हुई बैठक में उद्यमियों ने कही।
जानकारी हो कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 20 अप्रैल से कुछ शर्तों के साथ व्यवसायिक गतिविधि शुरू कराने की बात कही थी। इसके दृष्टिगत जिले में कालीन प्रतिष्ठानों में कामकाज शुरू कराने के लिए एडीएम ने उद्यमियों के साथ बैठक की। बैठक में सभी लोगों को एक प्रपत्र उपलब्ध कराया गया जिसमें उन्हें अपने नाम, प्रतिष्ठान का नाम, पता समेत 17 बिंदुओं पर सूचना मांगे जाने के अलावा एक घोषणा पत्र देने को कहा गया। खास बात यह है कि घोषणा पत्र में 11 बिंदुओं पर हस्ताक्षर करके मांगा गया था।
आल इंडिया कारपेट मैनुफैक्चर्स एसोसिएशन (एकमा) के संयुक्त सचिव आलोक बरनवाल ने बताया कि कई ऐसी ऐसी शर्तें हैं जिन्हें चंद बड़े निर्यातक ही पूरा कर सकते हैं जबकि इंडस्ट्री में अधिकतर संख्या मझोले निर्यातकों की है। इतना ही नहीं कई कारखाना संचालक तो ऐसे हैं जिन पर बड़ी जिम्मेदारी आ जाएगी। ऐसे में आपस में विचार विमर्श के बाद तय किया गया कि हम लोग अभी अपने प्रतिष्ठान खोलने की स्थिति में नहीं है और 3 मई तक लॉकडाउन का पालन किया जाएगा। बैठक में एकमाध्यक्ष ओएन मिश्र, हाजी अब्दुल हादी, रवि पाटोदिया, हाजी शाहिद हुसैन, पियुष बरनवाल, इम्तीयाज अंसारी, संजय गुप्ता, पंकज बरनवाल, जफर इकबाल, रुपेश बरनवास, दीनानाथ बरनवाल, एसके सिनहा, आईबी सिंह आदि मौजूद रहे।