जिला मुख्यालय पर प्रदेश सरकार की नीतियों के विरोध में धरना-प्रदर्शन करते लोक जनशक्ति पार्टी के कार्यकर्ता।
सपा सरकार पर दलित विरोधी होने का आरोप लगाकर लोक जनशक्ति पार्टी कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। चार घंटे तक चले प्रदर्शन में पार्टी कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों ने प्रदेश अध्यक्ष ललित नारायण पासी के नेतृत्व में नारेबाजी की। अंत में राज्यपाल को संबोधित छह सूत्री मांगों का ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा। इस दौरान प्रदेश सरकार को बिजली समस्या, दलित उत्पीड़न, किसान उत्पीड़न, आरक्षण, कर्मचारी उत्पीड़न आदि के मुद्दे पर फेल बताया। दलित उत्पीड़न पर सरकार के खिलाफ लोग अधिक मुखर रहे।
प्रदेश अध्यक्ष ललित नारायण ने कहा कि सपा सरकार में प्रदेश में दलित उत्पीड़न की घटनाएं अधिक हो रही हैं। इसे रोकने में सरकार पूरी तरह विफल है। इससे दलित समाज अपने को असुरक्षित महसूस कर रहा है। थानेदार गरीब, कमजोर दलितों की मदद करने के बजाए शोषण ही करते हैं। इससे संविधान में बनाया गया कानून भी मजाक बनकर रह गया है। दलितों पर अत्याचार रोकने के लिए मजबूत एक्ट बनाकर कड़ाई से लागू करने की मांग की। बताया कि बिजली समस्या ने चीनी मिलों, कल कारखानों और सिचाई उपकरणों को ठप कर रखा है। किसान, व्यापारी, छात्र, उद्यमी नुकसान उठा रहे हैं। सपा सरकार किसानों पर टैक्स लादकर उनका शोषण कर रही है। इससे किसान भूखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं। जिला उपाध्यक्ष मोहम्मद असलम, सचिव अमित कुमार ने दिहाड़ी मजदूरों, आंगनबाड़ी, सहायिकाओं, किसान मित्रों, शिक्षा प्रेरकों, रोजगार सेवकों को राज्यकर्मी बनाने की मांग की। इस मौके पर लल्लू इद्रीसी, मोहम्मद हबीबी, आशा देवी, आसिया बेगम, सितारा देवी, सरिता पासवान, मदीना, मुन्नी बेगम, शाहजहां, जुलेखा, अफसाना, रहीसा, शीला देवी आदि रहे।