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दहेज हत्या में पति, ससुर और सास को कारावास

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ज्ञानपुर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक की अदालत ने दहेज हत्या के एक मामले में दोषी पति समेत तीन लोगों को साढ़े तीन साल कारावास की सजा सुनाई है। 16 साल पहले जोरई गांव में विवाहिता की मौत के मामले में कोर्ट ने यह निर्णय सुनाया है।
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बैरीबीसा गांव निवासी बसंतलाल यादव ने 1998 में अपनी बेटी राजकुमारी की शादी ज्ञानपुर के जोरईं गांव निवासी ओम प्रकाश मुन्ना पुत्र बेचन यादव के साथ की थी। आरोप था कि शादी में दहेज देने के बाद भी बाइक और सोने की चेन के लिए बेटी को परेशान किया जाने लगा। 27 मई 2003 को जोरईं गांव के कुछ लोगों ने जानकारी दी कि उनकी बेटी ने फांसी लगाकर जान दे दी। घटनास्थल पर पहुंचने पर पता चला कि उसकी हत्या की गई है। मामले में पुलिस ने शुरू में मुकदमा दर्ज नहीं किया। कोर्ट के आदेश पर पति ओम प्रकाश, ससुर बेचन यादव और सास रन्नो देवी समेत छह लोगों के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में भेजा। दोनों पक्ष के अधिवक्ताओं के बहस-पैरवी की। उसके बाद न्यायाधीश रामकरन यादव ने दहेज हत्या का दोषी मानते हुए पति को साढ़े तीन साल, सास और ससुर को तीन साल तीन माह कारावास की सजा सुनाई। वादी की ओर से बहस-पैरवी शासकीय अधिवक्ता रमेश पांडेय ने की।
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