संगठन के जिलाध्यक्ष विजय कुमार दूबे ने कहा कि दो दशक पूर्व मृतक आश्रितों को शैक्षिक योग्यता के आधार पर नियुक्त किया जाता था लेकिन अब उन्हें चतुर्थ श्रेणी पद पर ही नियुक्त किया जा रहा है।
कई आश्रित ऐसे हैं जो बीएड, बीटीसी के अलावा टीईटी उत्तीर्ण होने के बाद भी परिषदीय स्कूलों में चतुर्थ श्रेणी पद पर रखे जा रहे हैं। स्कूलों में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को हीन भावना का व्यवहार रखा जाता है।
जिला प्रवक्ता सूर्य कुमार यादव ने कहा कि सरकार शैक्षिक योग्यता पर ही तैनात करे। मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में मांग किया कि पढ़े लिखे आश्रितों को शिक्षक जबकि हाईस्कूल और इंटर करने वाले आश्रितों को लिपिक पद पर नियुक्ति मिले।
परिचारक को कार्यालय सहायक कहकर बुलाया जाए। संगठन के जिला उपाध्यक्ष आशीष कुमार मिश्र ने कहा कि सात मार्च को सीएम से मिलने का समय मिला है, उसमें वह अपनी बात को रखेंगे।
बैठक में कृष्ण कुमार, हरिमंगल सिंह, नंदलाल, रामजी पांडेय, शिव प्रकाश तिवारी, शशिकांत पांडेय, आशीष कुमार तिवारी, दुर्गेश कुमार, नवीन, धर्मेन्द्र कुमार, दिनेश कुमार, घनश्याम शुक्ल, नागेश कुमार दूबे, नारायण तिवारी सहित कई लोग मौजूद रहे।