ज्ञानपुर। जिले में दवाओं और कफ सिरप को चिकित्सकों की पर्ची पर ही देने का आदेश है। इसके बाद भी तमाम इलाकों के मेडिकल की दुकानों पर बिना दवा पर्ची के ही कफ सिरप दिया जा रहा है। बच्चों की खांसी की दवाई के नाम पर कोई भी बताकर कफ सिरप ले सकता है। स्वास्थ्य विभाग ने एडवाजरी जारी की है कि बिना किसी डॉक्टर की पर्ची के इस तरह से किसी को भी कफ सिरप न दिया जाए।
जिले में 1500 मेडिकल स्टोर पंजीकृत हैं। इन दिनों मौसम के असर के कारण बच्चों में मौसमी बीमारी का असर देखा जा रहा है। जिले के सरकारी अस्पतालों में हर दिन औसतन 350 से 400 बच्चों की ओपीडी रहती है। इनमें करीब 60 फीसदी बच्चे सर्दी-खांसी की समस्या से ग्रसित होते हैं। हालांकि उन्हें सरकारी अस्पतालों से ही दवाएं मिल जाती हैं। दूसरी तरफ प्राइवेट व निजी क्लीनिकों पर भी बड़ी संख्या में लोग बच्चों के लिए सर्दी-खांसी पर कफ सिरप आदि लेते हैं। बुधवार को गोपीगंज, भदोही, चौरी, सुरियावां, औराई, ज्ञानपुर के अलग अलग स्थानों पर छह रिपोर्टरों ने करीब 50 मेडिकल स्टोरों की पड़ताल की। जहां तमाम खामियां नजर आईं। बिना डॉक्टर की पर्ची के ही दवाई मिलती दिखी। जिले के मेडिकल स्टोर संचालक मनमानी ढंग से दवाएं बेच रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने एडवाजरी जारी कर कफ सिरप दवा की ब्रिकी पर रोक लगाई है।