अब टीबी यानी क्षय रोग की जानकारी के लिए आपको जांच कराने की जरूरत नहीं है। आप टीबी से पीड़ित हैं या लक्षण है, यह सब कफ कलेक्शन एप से पता चल जाएगा। इससे स्वास्थ्य विभाग को क्षय रोगियों की तलाश करने में सहूलियत होगी। टीबी के मरीजों की पहचान बलगम की जांच, एक्सरे और सीबीनाट मशीन से की जाती रही है।
अब सिर्फ खांसी की आवाज से मरीजों की पहचान की जा सकेगी। इसके लिए एक खास तरह के मोबाइल एप्लीकेशन कफ कलेक्शन एप को तैयार किया गया है। भदोही के जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि देश को वर्ष 2025 तक टीबी मुक्त बनाने के लिए सरकार प्रयास कर रही है।
इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने मोबाइल एप्लीकेशन कफ कलेक्शन एप तैयार किया गया है। इसकी सहायता से टीबी की पहचान अब खांसी की आवाज से की जा सकेगी। उन्होंने बताया कि एप की मदद से जिले में 34 लोगों के सैंपल लिए जाने का लक्ष्य है।
स्वास्थ्य टीम घर-घर जाकर एप की सहायता से टीबी के बिना लक्षण वाले, लक्षण वाले व्यक्तियों, उनके संपर्क में आने वाले लोगों और रिश्तेदारों की आवाज एकत्रित करेगी। उन्होंने बताया कि खांसी की आवाज और कुछ शब्दों के ज्यादा देर तक बोलने से टीबी की पहचान हो जाएगी। इसके बाद रोगियों का सही तरीके से इलाज किया जा सकेगा।