सुरियावां के निमकौड़िया तालाब में जा रहा गंदा पानी। संवाद
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सुरियावां। नगर के प्राचीन निमकौड़िया तालाब में गिर रहे गंदे पानी की समस्या का समाधान नहीं हो सका है। नाली और इंटरलॉकिंग निर्माण में करीब 37 लाख रुपये खर्च करने के बाद भी सैकड़ों लोगों के घरों का पानी तालाब में गिर रहा है। इससे प्राचीन तालाब का अस्तित्व तो खतरे में है ही लोगों की आस्था को भी ठेस पहुंच रही है। वहीं पानी भी दूषित हो रहा है। सुरियावां नगर पंचायत की आबादी करीब 27 हजार के आसपास है। नगर में कुल 13 वार्ड है। नगर के प्राचीन निमकौड़िया तालाब में काफी समय से नगर के तीन वार्ड नेहरू नगर, स्टेशन सड़क नयागंज और मलेपुर वार्ड के आंशिक भाग के नाले का पानी गिर रहा है। जिसको लेकर कई बार लोगों ने आक्रोश भी जताया। लोगों के अनुसार निमकौड़िया तालाब केवल जलाशय नहीं, बल्कि लोगों की आस्था का केंद्र भी है।
तालाब परिसर में प्राचीन हनुमान मंदिर और शिव मंदिर स्थित हैं। छठ महापर्व के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु इसी तालाब में भगवान सूर्य को अर्घ्य देते हैं। लगभग एक वर्ष पूर्व दर्जनों महिलाओं ने तालाब में गंदा पानी जाने के विरोध में प्रदर्शन कर नगर पंचायत से स्थायी समाधान की मांग की थी। नगर पंचायत की ओर से लगभग 22 लाख रुपये की लागत से इंटरलॉकिंग सड़क और 13 लाख की लागत से करीब 230 मीटर लंबी नाली का निर्माण कराया गया। दोनों काम में 37 लाख रुपये खर्च होने के बाद भी समस्या जस की तस है। अधूरी योजना के कारण सैकड़ों घरों और दुकानों का गंदा पानी सीधे तालाब में गिर रहा है।