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Bhadohi News: उपभोक्ता आयोग ने पीड़ित को दो लाख रुपये देने का दिया आदेश

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ज्ञानपुर। जिला उपभोक्ता आयोग ने शुक्रवार को हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी के खिलाफ फैसला सुनाते हुए पीड़ित को इंश्योरेंस का क्लेम देने का आदेश दिया है। आयोग ने क्लेम की धनराशि 2,01,925 रुपये छह फीसदी वार्षिक ब्याज की दर से देने का आदेश दिया है। चेताया कि दो महीने में क्लेम न देने पर नौ फीसदी ब्याज की दर से धनराशि देनी होगी। पीड़ित ने हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी के खिलाफ पत्नी के इलाज में खर्च हुए धनराशि न देने का आरोप लगाते हुए वाद दाखिल किया था।
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उपभोक्ता आयोग के रीडर स्वतंत्र रावत ने बताया कि सुरियावां कोतवाली के बिहियापुर निवासी कृष्णानंद तिवारी ने 13 जनवरी 2025 को उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि उन्होंने बीमा कंपनी निवा बुपा हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी से 1 नवंबर, 2017 एक फैमिली हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी ली। जिसका प्रीमियम उन्होंने 17,802 रुपये जमा किया। फैमिली हेल्थ इंश्योरेंस में उन्होंने अपने पत्नी और दो बच्चों को शामिल किया था। बताया कि पॉलिसी की वैधता 15 जनवरी 2025 तक थी। बताया कि वे हर साल पॉलिसी का रिनुवल कराते रहे। बताया कि इसकी उनकी पत्नी रिंकी तबीयत अचानक खराब हो गई। वे उसे 11 अगस्त, 2024 को एक निजी अस्पताल में उपचार कराया। उनकी पत्नी 11 अगस्त से 17 अगस्त, 2024 तक भर्ती रही। उनके इलाज पर 2,01,928 रुपये खर्च आया। जिसको लेकर आवश्यक कागजों के साथ उन्होंने इंश्योरेंस कंपनी में क्लेम किया। आरोप लगाया कि बीमा कंपनी ने 18 दिसंबर 2024 को इनका बीमा क्लेम खारिज कर दिया। मामले में जिला उपभोक्ता आयोग के चेयरमैन संजय कुमार डे, सदस्य दिप्ती श्रीवास्तव और विजय बहादुर सिंह की पीठ से सुनवाई करते हुए पीड़ित के क्लेम को स्वीकार किया। आदेश दिया कि बीमा कंपनी पीड़ित को क्लेम की धनराशि 201928 रुपये दो माह अंदर छह फीसदी वार्षिक ब्याज के साथ भुगतान करेगी। आयोग ने चेताया कि दो माह में भुगतान न करने पर क्लेम की धनराशि नौ फीसदी वार्षिक ब्याज के साथ देनी होगी। उपभोक्ता आयोग ने पीड़ित को 10 हजार रुपये मुकदमा खर्च भी देने का आदेश दिया।
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