हाथरस की घटना को लेकर ज्ञानपुर नगर में कैंडल जुलूस निकालते एबीवीपी कार्यकर्ता।
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ज्ञानपुर। दिनों-दिन प्रदेश में बढ़ रही हत्या और दुष्कर्म की घटनाओं के खिलाफ बृहस्पतिवार को कांग्रेस पार्टी कार्यकर्ताओं ने बांह पर काली पट्टी बांधकर गांधी पार्क में धरना दिया तो वहीं संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं और आम लोगों ने कैंडल मार्च निकाल कर घटना की पीड़िताओं को श्रद्धांजलि देकर न्याय की मांग की। गांधी पार्क पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि हाथरस, आजमगढ़, कानपुर जैसी घटनाओं की याद बुझी नहीं कि भदोही के तुलसीकला, गोपीगंज के चकराजाराम-तिवारीपुर, रैपुरी में महिलाओं, युवतियों, किशोरियों के साथ हुई घटनाएं सुर्खियों में आ गई। बृहस्पतिवार को अनुसूचित जाति की किशोरी के साथ हुई घटना ने भी दिल दहला दिया। यदि इसी तरह प्रदेश में जंगलराज कायम रह गया तो आने वाले दिनों में महिला संवर्ग घरों से नहीं निकल सकेगी। घटनाओं में शामिल पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए जब भी कोई संगठन आवाज उठाता है तो सरकार लाठियों के बल पर दबाने का काम करती है। हाथरस के मामले में कांग्रेस प्रदेश नेतृत्व उसी का दंश झेल रहा है। हुंकार भरी गई कि अपराध और अपराधियों के खिलाफ सरकार का कोई सख्त कदम नहीं उठ सका तो अब वह दिन दूर नहीं है कि आम जनता किसी को चढ़ाना जानती है तो गिराने में देर नहीं करेगी। चेतावनी दी कि जब तक अपराध और अपराधियों पर सरकार का शिकंजा नहीं कस जाता तब तक विरोध-प्रदर्शन जारी रहेगा। इस मौके पर राजेश दुबे, माबूद खान, सुरेश उपाध्याय, राजेश पांडेय ,संतोष बघेल, मनोज तिवारी, शशांक तिवारी, जनमुहम्मद, परवेज हाशमी, जगदीश पासी, इरफान परवेज, रियाज, रौनक चतुर्वेदी आदि रहे।
एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने लगाया मुर्दाबाद का नारा
ज्ञानपुर। महिलाओं के साथ हो रही हत्या, लूट, छिनैती, दुष्कर्म की घटनाओं के खिलाफ बृहस्पतिवार की देर शाम एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने कैंडल जुलूस निकाल कर हाथरस, तिवारीपुर की घटनाओं में शामिल मृतकों को श्रद्धांजलि देकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ मुर्दाबाद का नारा लगाया। नथईपुर तिराहा से निकला जुलूस पूरे नगर का भ्रमण करते हुए शीतल पाल तिराहा आकर समाप्त हुआ। शीघ्र ही तिवारीपुर की घटना का खुलासा कर हत्यारों पर शिकंजा नहीं कसा जा सका तो एबीपी कार्यकर्ता उग्र रुप अख्तियार करने के लिए विवश होंगे। उधर सपा नेता अजीत सिंह क्षत्रिय ने कहा कि प्रदेश की योगी सरकार में महिला सुरक्षा के नाम पर कानून व्यवस्था फेल हो चुकी है। बावजूद इसके सरकार महिला सशक्तीकरण के नाम पर झूठा राग अलाप रही है।