कम नामांकन के स्कूलों को बंद करने के आदेश पर कांग्रेस ने प्रदर्शन कर एतराज जताया और बड़े विरोध की चेतावनी दी। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा और इस आदेश पर विचार करने की मांग रखी।
कांग्रेस नेताओं ने बुधवार को मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष वसीम अंसारी के नेतृत्व में मुख्यालय पर जुटे कांग्रेसी नेताओं ने प्रदेश सरकार द्वारा कम नामांकन वाले 5000 सरकारी स्कूल बंद किए जाने के विरोध करते हुए नारेबाजी की। कांग्रेस नेताओं ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन डीएम शैलेश कुमार को सौंपा।
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प्रदेश कांग्रेस कमेटी कोऑर्डिनेटर दया शंकर पाण्डेय व जिलाध्यक्ष वसीम अंसारी ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षा व्यवस्था पर कुठाराघात करते हुए 5000 से अधिक सरकारी विद्यालयों को बंद करने का तानाशाही निर्णय लिया गया है। इस निर्णय से लाखों गरीब व मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो जाएगा।
पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. राजेंद्र कुमार दुबे राजन व राकेश मौर्या ने कहा कि यह निर्णय शिक्षा के अधिकार अधिनियम का खुला उल्लंघन है। सरकार की यह नीति ग्रामीण भारत और गरीब वर्ग को शिक्षा से वंचित करने की साजिश है। जिसे हम कभी स्वीकार नहीं करेंगे।