फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सामुदायिक शौचालय : कहीं पानी नहीं तो कुछ जगह पाइपलाइन है टूटी

विज्ञापन
विज्ञापन
स्वच्छ भारत मिशन के तहत करोड़ों रुपये खर्च करके जिले के सभी ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालय बनवाए गए हैं। उनके संचालन की जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूहों को दी गई है। इसके लिए उन्हें बाकायदा हर महीने पारिश्रमिक दी जाती है। शौचालयों की साफ-सफाई के लिए भी अलग से बजट दिया जाता है। इसके बावजूद देख-रेख के अभाव में कहीं पानी का टोटा है तो कहीं पाइपलाइन ही क्षतिग्रस्त है। कई जगह तो बिजली का कनेक्शन ही नहीं है। ऐसे में लोगों को अपने घर से डिब्बा या बाल्टी में पानी लेकर जाना पड़ता है।
विज्ञापन

बृहस्पतिवार को हुई पड़ताल के दौरान बेलहुआ गांव में बना शौचालय ठीक नहीं मिला। शौचालय की पाइप लाइन क्षतिग्रस्त है। कलीपुर में बने सामुदायिक शौचालय पर दिन में ताला बंद रहता है और सुबह-शाम खुलता है। ग्रामीण सुरेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि सुबह व शाम एक महिला आती है जो खोल कर बैठी रहती है। जब लोग आना बंद कर देते हैं तो चली जाती है। वहीं पड़ोसी मुनीब सरोज का कहना है कि पहले खुलता था, इधर कई दिन से नल में पानी नहीं आने के कारण बंद पड़ा हुआ है। देखने में भी उसके अहाते में पत्तियां पड़ी हुई थीं। बिछिया गांव में बना शौचालय भी विद्युत कनेक्शन नहीं होने के कारण बदहाल है। बगल से पानी सप्लाई करके टंकी में चढ़ा कर पानी दिया जा रहा है। ग्रामीण इंद्रजीत गौतम ने बताया कि बगल में सबमर्सिबल पंप लगा हुआ है। उसका पानी चढ़ा दिया जाता है। अभी विद्युत कनेक्शन नहीं हुआ है। विकासखंड के ग्राम पंचायत मान शाहपुर का सामुदायिक शौचालय अभी अधूरा है। ग्राम प्रधान प्रधान राजेंद्र प्रसाद सरोज ने बताया कि चुनाव से पहले मात्र आधी दीवार खड़ी थी। इसके बाद सामुदायिक शौचालय के लिए जब खाता ट्रांसफर हुआ और धन निकाला गया तो निर्माण शुरू हुआ। शौचालय का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। पेंटिंग व दरवाजे के काम बाकी है। ग्राम पंचायत अधिकारी रमेश मौर्य ने बताया कि एक सप्ताह के अंदर सामुदायिक शौचालय चालू हो जाएगा। डीसी एनआरएलएम श्यामजी का कहना है कि सामुदायिक शौचालयों के संचालन की जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूहों को दी गई है। स्वयं सहायता समूह की महिलाएं जिम्मेदारी ठीक से संभाल भी रही हैं। जहां पाइपलाइन क्षतिग्रस्त है या अन्य समस्याएं हैं तो संबंधित ग्राम पंचायत को ठीक कराना है
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें