ज्ञानपुर/चौरी। हल्की ठंड शुरू होते ही शिक्षकों के स्कूल आने का टाइमटेबल ही बदल गया है। तय समय के बजाए आधे से एक घंटे विलंब से स्कूल आ रहे हैं। सोमवार को अमर उजाला की टीम ने चौरी के तीन स्कूलों की पड़ताल की तो व्यवस्था की खामियां सामने आ गईं। कोल्हण स्कूल के बाहर बच्चे और रसोइयां तो पहुंच गए पर मास्साब ही नहीं दिखे। जोल्हापुर में एक सहायक अध्यापक नजर आई तो भदरनपुर में भी ताला लटका मिला।
जिले में 1116 प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं। सरकारी स्कूलों में व्यवस्था सुधार के लिए सरकार की ओर से तमाम प्रयास हो रहे हैं। जिसका असर भी काफी स्कूलों में दिख रहा है लेकिन कई शिक्षक अपनी कार्यप्रणाली से शिक्षा विभाग के अच्छे कार्यों में दाग लगा रहे हैं। शासन की ओर से स्कूलों का समय सुबह नौ से दोपहर तीन बजे निर्धारित है। सोमवार को अमर उजाला टीम सुबह नौ बजकर 24 मिनट पर प्राथमिक विद्यालय कोल्हण पहुंची तो मेनगेट पर ताला लगा मिला। यहां बच्चे विद्यालय का ताला खुलने के इंतजार में बाहर ही खड़े मिले। स्कूल में वाराणसी से आने वाले एक सहायक अध्यापक और आंगनबाड़ी कार्यकत्री समय से पहुच गए थे, लेकिन गेट पर ताला लगने के कारण उनको भी बाहर ही खड़ा रहना पड़ा। इसी तरह प्राथमिक विद्यालय जोल्हापुर में भी मात्र एक सहायक अध्यापिका पहुंची थी, जबकि प्राथमिक विद्यालय भदरनपुर में ताला लगा मिला। यहां पर भी बच्चे अध्यापको के आने का इंतजार करते दिखे। बताया जाता है कि दूर से आने वाले अध्यापक तो समय से पहुंच जाते हैं लेकिन स्थानीय शिक्षक 10 बजे के आसपास पहुंचते है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह ने कहा कि स्कूल पर लेटलतीफ आने वाले शिक्षकों पर सख्ती होगी। संबंधित स्कूल के शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।