सुबह परिवार के लोगों की जब नींद खुली तो उन्होंने अंदर सब बिखरे और कीमती सामान गायब मिले। इससे वे भौचक रह गए। शौच के लिए गए ग्रामीणों ने खेत में टूटा बख्शा और विखरे कपड़े देखे। सुबह गृह स्वामी बसंतलाल यादव ने इसकी सूचना पुलिस को दी। थाने की पुलिस ने पहुंचकर मौके का निरीक्षण किया।
बताया गया कि रोज की तरह सोमवार की शाम को भी बसंतलाल के परिवार वाले भोजन करने के बाद सो गए। गर्मी अधिक पड़ने से सभी सदस्य मकान के बाहर ही चारपाई डालकर सो रहे थे। रात में मौका पाकर घुसे चोरों ने मकान के चार दीवारों में सेंध काट डाले थे। अंदर रखे जेवर, नकदी और कीमती कपड़ों से भरे बैग, अटैची और बख्शे उठा ले गए। इसके बाद अटैची और बैग को घर से कुछ दूर खेत में तोड़-फाड़कर उसमें रखे जेवर समेत अन्य सामान उठा ले गए। जबकि सामान्य कपड़े, टूटी अटैची, बख्शे और फटे बैग छोड़ दिए।