उप संभागीय परिहवन कार्यालय में दलालों ने सोमवार को हंगामा करते हुए
तोडफ़ोड़ की। इससे दफ्तर में अफरातफरी मच गई। सूचना मिलने के बाद पुलिस
वहां पहुंची तो दलाल और आउटसाइडर कार्यालय छोड़कर भाग गए।
पुलिस ने पांच
युवकों को हिरासत में ले लिया, लेकिन तहरीर न मिलने पर बाद में उन्हें रिहा
कर दिया गया। इससे कार्यालय में करीब दो घंटे से अधिक समय तक कामकाज ठप
रहा। एक लिपिक द्वारा कागजात में कमी की बात कहते हुए लाइसेंस बनाने से मना
कर दिया था। इसी बात पर बात बढ़ गई और हंगामा हुआ ।
उप संभागीय परिवहन
कार्यालय में आए दिन विभागीय लिपिक और कर्मचारियों से दलालों की गाली गलौज
होती है। सोमवार को कागजात सही न होने पर एआरटीओ कार्यालय के एक लिपिक ने
लाइसेंस न बनने की बात कही। यह बात दलाल को नागवार गुजरी।
नाराज दलालों के
एक गिरोह ने लिपिक से गाली गलौज करते हुए हाथापाई की। आसपास के कर्मचारियों
ने बीचबचाव किया तो दलालों ने वहां रखी कई कुर्सियों को तोड़ दिया। मामला
बढ़ते देख पुलिस को सूचना दी गई।
कार्यालय पर पुलिस पहुंची तो दलाल और
आउटसाइडर वहां से खिसक लिए।
कार्यालय में सन्नाटा छा गया। ज्ञानपुर कोतवाली
पुलिस ने पांच युवकों को हिरासत में ले लिया, लेकिन विभाग की ओर से तहरीर न
मिलने पर पांचों को देर शाम रिहा कर दिया गया। कार्यालय में विवाद को लेकर
दो घंटे तक कामकाज नहीं हो सका।
विभागीय सूत्रों की मानें तो कार्यालय में
मनबढ़ किस्म के दलाल आए दिन विवाद करते हैं और कार्य प्रभावित होता है।
इससे परेशानी होती है।