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भैरो नेत्र चिकित्सालय : 6.5 करोड़ के सामान की सुरक्षा नहीं, रखवालों के पास न ताला न पैसा

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भैरा प्रसाद जायसवाल चिकित्सालय । स्रोेत- संवाद
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सिविल लाइन के भैरो प्रसाद जायसवाल नेत्र चिकित्सालय में 50 बेड का अस्पताल संचालन करने के लिए शासन ने आदेश दिया। चार मंजिला अस्पताल बना।
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साढ़े छह करोड़ रुपये से सामान की खरीदारी हुई। सामान रखने के लिए कमरे हैं लेकिन ताले नहीं है। अस्पताल प्रशासन को नौ तालों की जरूरत है। इसके लिए सीएमओ से बजट की मांग की गई है। सीएमओ कार्यालय के पास नौ ताले के लिए बजट नहीं है।
भैरो प्रसाद जायसवाल नेत्र चिकित्सालय का चार मंजिला भवन 17 करोड़ की लागत से बना। एक वर्ष पहले भवन पर मेडिकल काॅलेज ने बिना हैंडओवर हुए कब्जा जमाते हुए अपने चार विभाग संचालित कर दिए। इस दौरान शासन ने सीएमओ को भैरो प्रसाद जायसवाल नेत्र चिकित्सालय मेें 50 बेड का अस्पताल संचालित करने के लिए साढ़े छह करोड़ रुपये दिए।
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काफी खींचतान के बाद मेडिकल कॉलेज ने भवन को खाली किया। इसके बाद साढ़े छह करोड़ रुपये से आए सामान को परिसर में रखा गया। सामान तो आ गया पर अस्पताल का संचालन अभी नहीं नहीं हो पा रहा है। सिर्फ नेत्र विभाग की ओपीडी चल रही है। ऑपरेशन थियेटर अभी तक नहीं शुरु हो सका। साढ़े छह करोड़ रुपये के सामान को सुरक्षा रखने के लिए ताले तक नहीं है।
कई दरवाजों के इटरनल लाॅक खराब हो गए हैं। कुछ स्थानों पर जो ताले लगे रहे हैं वे मेडिकल काॅलेेज की ओर से लगाए गए थे। उसी ताले का उपयोग किया जा रहा है। बाकी अन्य कमरो के लिए नौ तालों की जरुरत हैं।
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अस्पताल में साढ़े छह करोड़ के सामान की खरीदारी हो गई पर सुरक्षा के नाम पर न तो जाली लगी है न ही सीसी कैमरा लगाए गए हैं। अपर निदेशक स्वास्थ्य ने निरीक्षण के दौरान कुछ दिन पहले सीसी कैमरा व जाली आदि लगाने का निर्देश दिया था।
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