वापस लौटकर कमरे में आया तो उसके पिता जयशंकर चौकी और दीवार के बीच अचेत हालत में पड़े थे। बेटे ने आवाज दी, लेकिन कोई जवाब न मिलने पर शोर मचाया। देखते ही देखते घर के लोग और आसपास के ग्रामीण जुट गए। चौकी के बीच फंसे जयशंकर को गामीणों ने बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी सांसें हमेशा के लिए थम चुकी थी।
दूसरे बेटे कृष्ण कुमार ने पुलिस को सूचना दी। आशंका जताई जता रही है कि कमरे में लगे बिजली बोर्ड से एक तार नीचे झूल रहा था। जिससे करंट लग गया होगा। जयशंकर के तीन बेटे हैं। दो बेटे साथ रहते हैं, जबकि तीसरा अपनी बहन के घर पर रहता है।
पिता की अचानक हुई मौत से पूरा परिवार गहरे सदमे में है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है। प्रभारी निरीक्षक शैलेश कुमार राय ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर स्पष्ट होगा कि मौत कैसे हुई?