मोढ़। सुरियावां विकास खंड के भिखारीरामपुर गांव में कोटे की दुकान के आवंटन को लेकर बृहस्पतिवार को हुई खुली बैठक हंगामे की भेंट चढ़ गई। मतदान के दौरान हंगामा करने से अधिकारियों ने बैठक को रद्द कर दिया। इससे गांव में गहमागहमी की स्थिति बनी रही।
कोटेदार के निधन के बाद भिखारीरामपुर गांव की कोटे की दुकान रिक्त चल रही थी। अफसरों के निर्देश पर बृहस्पतिवार को खुली बैठक का आयोजन किया गया। दुकान के लिए चार लोगों ने नामांकन किया, लेकिन मतदान से पूर्व एक ने पर्चा वापस ले लिया। मतदान के बाद जब मतगणना शुरू हुई तो कुछ लोग हंगामा करने लगे। देखते ही देखते मारपीट की नौबत आ गई। पुलिस के आने के बाद मामला शांत हुआ। इस दौरान एक पक्ष के मोहम्मद याकूब ने जीत का दावा करते हुए विरोधियों पर हंगामा करने की साजिश का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि हारते देख जानबूझकर हंगामा किया गया। एडीओ राजनाथ ने कहा कि विरोध एवं आरक्षण को लेकर बैठक स्थगित कर दी गई। आगामी बैठक में निर्णय किया जाएगा। इस मौके पर प्रधान संजू देवी, रामदत्त मिश्रा, सतेंद्र सिंह, धर्मराज मौर्य, राजेंद्र प्रसाद समरजीत यादव, राजकुमार, छोटेलाल, शेषमणि सरोज आदि मौजूद रहे।