ज्ञानपुर। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राजधानी में शुरूआत करेंगे। जिले में इसका लाभ कोरोना से प्रभावित 20 परिवार के 50 बच्चों को मिलेगा। एक-एक बच्चे को तीन महीने के हिसाब से 12-12 हजार दिया जाएगा। कलेक्ट्रेट सभागार में बृहस्पतिवार को डीएम आर्यका अखौरी ऐसे बच्चों का उत्साह बढ़ाएंगी।
कोरोना की पहली और दूसरी लहर में बड़ी संख्या में बच्चों के अभिभावकों की मौत हो गई। कुछ बच्चों के माता या पिता और कुछ के माता-पिता दोनों कोरोना के शिकार हो गए। ऐसे बच्चों का जीवन संवारने के लिए सरकार मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना को लागू किया है। योजना में जिले में अब तक 78 बच्चे चिह्नित किए गए। जिसमें 50 का सत्यापन पूर्ण होने पर उनकी सूची शासन को भेजी जा चुकी है। बृहस्पतिवार को लोक भवन लखनऊ में मुख्यमंत्री और राज्यपाल इसका शुभारंभ करेंगे। एक क्लिक के बाद बच्चों के खाते में 12-12 हजार की रकम पहुंच जाएगी। जिला प्रोबेशन अधिकारी महेंद्र यादव ने बताया कि कोविड काल में माता-पिता या दोनों में से किसी एक को खोने वाले इन्हीं बच्चों के जीवन को संवारने के लिए योजना चलाई गई है। जिसमें अनाथ हुए बच्चों के भरण-पोषण, शिक्षा, चिकित्सा आदि की व्यवस्था का पूरा ध्यान रखा गया है ।
योजना की श्रेणी में आने वाले जीरो से 18 साल के बच्चों के वैध संरक्षक के बैंक खाते में 4000 रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि जो बच्चे पूरी तरह अनाथ हो गए हों और बाल कल्याण समिति के आदेश से कक्षा छह से 12 तक की शिक्षा के लिए अटल आवासीय विद्यालयों संग कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में प्रवेश दिया जाएगा। योजना में चिह्नित बालिकाओं के शादी के योग्य होने पर शादी के लिए एक लाख एक हजार रूपये मिलेगा। कक्षा नौ या इससे ऊपर की कक्षा में अथवा व्यावसायिक शिक्षा प्राप्त कर रहे 18 साल तक के बच्चों को टैबलेट/लैपटॉप की सुविधा दी जाएगी । ऐसे बच्चों की चल-अचल संपत्तियों की सुरक्षा के प्रबंध होंगे ।