पूर्व मंत्री ने कहा कि संसदीय क्षेत्र के सबसे करीब होने के बाद भी यहां के जनप्रतिनिधि कुछ नहीं ला सके। अगर वह संसद में होते तो अब तक एम्स का निर्माण शुरू हो जाता। विधायक और सांसदों के ध्यान न देने से 100 शैय्या अस्पताल आज तक पूर्ण नहीं हो सका। अगर अस्पताल बन गया होता तो कोरोना काल में सैकड़ों लोगों की जान बचाई जा सकती थी। लैकफेड और आय से अधिक संपत्ति के मामले में हुई कार्रवाई को बताते हुए पूर्व मंत्री फफक पड़े।