भदोही। ईद-उज-जुहा यानी बकरीद के चांद की बुधवार को तस्दीक हो गया। इस लिहाज से इस्लामिक कलैंडर के अंतिम महीने जिल हिज्जा का जुमेरात को पहली तारीख होगी। इस महीने की दस तारीख को बकरीद मनाई जाती है। रुयते हेलाल कमेटी के सद्र हाफिज परवेज अच्छे ने बताया कि आसमान में बादलों के चलते हालांकि चांद नजर नहीं आया लेकिन बाकी शहरों से चांद की तस्दीक हो जाने से 1 अगस्त को बकरीद मनाई जाएगी।
इस्लाम धर्म के मुताबिक इस त्यौहार में जानवरों की कुर्बानी दी जाती है। साथ ही इस महीने सऊदी के पवित्र शहर मक्का में हज भी अदा होती है। ईद-उल-फितर के बाद इस्लाम धर्म का यह दूसरा प्रमुख त्यौहार है। इसे बकरीद नाम से भी जाना जाता है। सद्र हाफिज परवेज ने कहा कि ईद-उज-जुहा हजरत इब्राहिम की कुर्बानी की याद के तौर पर मनाया जाता है। इस मौके पर जानवरों की कुर्बानी तीन दिनों तक करने की परंपरा है। यानी ईद-उल-जुहा के मौके पर 1 अगस्त से लेकर 3 अगस्त तक सूर्यास्त से पहले तक मनाया जाएगा। चांद के बाबत उन्होंने बताया कि मंगलवार की शाम ही चांद देखने का प्रयास किया लेकिन मंगलवार को कहीं से भी चांद दिखने की सूचना नहीं मिली। बुधवार को चांद दिख जाने से अब 1 अगस्त को बकरीद की नमाज अदा की जाएगी।