ज्ञानपुर। भदोही नगर के रेवड़ा फाटक निवासी मेहीलाल विश्वकर्मा के लिए शनिवार का दिन लकी साबित हुआ। आखिर हो भी क्यों न। उनकी छोटी बेटी चांदनी विश्वकर्मा ने हाईस्कूल की परीक्षा में टाप जो किया था।
मेहीलाल विश्वकर्मा लकड़ी और लोहे का काम करते हैं। पांच बेटी और एक बेटे के बेहतर परवरिश संग परिवार को भी संभालना किसी चुनौती से कम नहीं होता। ऐसे में औलाद काबिल निकले तो खुशी होनी लाजिमी है। सभी बेटियों को बेहतर शिक्षा देने में वह पीछे नहीं रहे। उनकी मेहनत और परिश्रम को बेटी चांदनी ने सफल कर दिया।
चांदनी ने बताया कि शुरुआती शिक्षा से लेकर अब तक पिता जी ने कभी यह नहीं कहा कि दिक्कत है। जब भी किताब एवं कोचिंग के लिए कहा वह तैयार रहे। पिता जी की मेहनत से ही उसने सफलता हासिल की। सर्वोदय बालिका इंटर कॉलेज के प्रबंधक रामसजीवन पाल और प्रधानाचार्य ममता पाल ने बताया कि चांदनी के लगन और मेहनत को देखकर हाईस्कूल की फीस नहीं ली।