रेलवे स्टेशन के आरक्षण केंद्र का माडम खराब होने से शुक्रवार को दिन भर एक भी टिकट नहीं बन सका। इससे 10 बजे और पुन: 11 बजे तत्काल टिकट निकासी भी पूरी तरह से प्रभावित रहा। पहले तो समझा जा रहा था कि रेलवे का सर्वर डाउन है, लेकिन बाद में जब भारत संचार निगम के कर्मी पहुंचे तब पता चला कि माडम ही खराब हो गया है। इससे टिकट के लिए आरक्षण केंद्र पहुंचे दर्जनों रेलयात्रियों को बैरंग लौटना पड़ा।
आरक्षण केंद्र पर रोज की तरह सुबह आठ बजे टिकट आरक्षण कराने के लिए यात्री पहुंच गए थे। कंप्यूटर में इंटरनेट लिंक नहीं मिलने से पहले तो समझा गया कि रेलवे का सर्वर ही डाउन है। जब दो घंटे तक भी स्थिति वैसी ही रही तो आरक्षण केंद्र द्वारा सूचना पाकर पहुंचे बीएसएनएल कर्मियों ने जांच कर साफ किया कि माडम खराब है जिसे बदलना पड़ेगा। शाम के 6 बजे तक आरक्षण केंद्र में ना तो माडम बदला जा सका था ना ही कामकाज शुरू हो सका था इससे भारी संख्या में लोगों को बैरंग लौटना प़ड़ा।
केंद्र के मुख्य आरक्षण पर्वेक्षक उदय लाल दूबे ने बताया की सुबह सरवर डाउन था। इसकी सूचना बीएसएनएल के अवर अभियंता सौरभ कुमार को देने का प्रयास किया गया लेकिन उनका फोन नहीं उठाया। विवश होकर वाराणसी बीएसएनएल के वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी गई। तब उनके हस्तक्षेप पर 11 बजे कर्मचारी यहां पहुंचे जिन्होंने स्पष्ट किया कि माडम में खराबी है। अधिकारी ने बताया कि माडम बीएसएनएल को ही बदलना है और उन्होंने कहा कि यह काम शनिवार को ही होगा। इससे आज दिन भर सामान्य और तत्काल आरक्षण टिकटें नहीं बन सकीं। न केवल रेलवे को राजस्व का नुकसान हुआ बल्कि भारी संख्या में लोग लौटे। इस स्थिति के लिए आरक्षण केंद्र के अधिकारी ही नहीं आम रेल यात्रियों में भी नाराजगी है। मौके पर मिले लोगों ने बताया कि यह आम बात हो चुकी है। जबकि गर्मियों में टिकटों की मारा मारी वैसे भी भी बढ़ जाती है। इस संबंध में बीएसएनएल के जेई सौरव कुमार ने बताया की हमारे यहां से कोई खराबी नही थी। माडम चूंकि बीएसएनएल वाराणसी कार्यालय के माध्यम से बदला जाना था इसलिए भदोही कार्यालय की जिम्मेदारी नहीं बनती।