ज्ञानपुर। ग्राम पंचायतों में राशन वितरण प्रणाली को आधुनिक एवं पारदर्शी बनाने की मुहिम धरातल पर फेल होती दिख रही है। 7.65 करोड़ रुपये से बने 90 अन्नपूर्णा भवनों में ज्यादातर में ठीक से राशन वितरण भी नहीं हो पा रहा है।
यही नहीं, यहां शुरू होने वाली 39 सेवाओं पर भी ताला लगा है। कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) से जुड़ी सेवाएं आम लोगों को नहीं मिल पा रही हैं।
प्रदेश में डोर स्टेप डिलीवरी के तहत सिंगल स्टेज व्यवस्था लागू की गई है। गांव में सकरे रास्ते और दुकान होने के कारण राशन वहां तक नहीं पहुंच पाता था। इसके समाधान को लेकर शासन ने वर्ष 2022 में प्रदेश के सभी जिलों में 75-75 मॉडल दुकानों के निर्माण का निर्देश दिया था।
शुक्रवार को हमारी टीम ने आठ अन्नपूर्णा भवनों की पड़ताल की। इनमें दो पर महीने में एक सप्ताह तक राशन वितरित होता है, जबकि शेष शोपीस बने हैं। अन्नपूर्णा भवनों के निर्माण का उद्देश्य अधूरा नजर आ रहा है। यही नहीं, अन्नपूर्णा भवन से कॉमन सर्विस सेंटर, जन औषधि केंद्र समेत शुरू होने वाली 39 सेवाएं आज तक शुरू नहीं हो सकी हैं। ये व्यवस्थाएं अभी सिर्फ कागजों पर ही दौड़ रही हैं।
2023 में महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना, जो अब वीबी जी रामजी हो गई है, से काम शुरू हुआ। 2024 और 2025 में 90 भवन बनकर तैयार हो गए। एक-एक भवन के निर्माण पर आठ लाख 50 हजार रुपये खर्च किए गए। इस हिसाब से 90 भवनों पर 7.65 करोड़ रुपये खर्च हुआ।
इसमें कुछ स्थानों पर अन्नपूर्णा भवन से राशन वितरण की व्यवस्था शुरू की गई, जबकि अधिकतर स्थानों पर कोटेदार अपने घर या किराये के भवन से ही वितरण कर रहे हैं। जिले की दो नगर पालिका और पांच नगर पंचायत समेत 546 ग्राम पंचायतों में कुल 724 कोटे की दुकानें संचालित हो रही हैं। इनमें राशन कार्डधारकों को माह में राशन मिलता है। इसमें 38 हजार अंत्योदय और 2 लाख 68 हजार पात्र गृहस्थी कार्डधारक हैं।
एक कक्ष में राशन, दूसरे में सीएससी
अन्नपूर्णा भवनों में दो अलग-अलग कक्ष बनाए गए हैं। एक में सरकारी राशन का भंडारण और वितरण होगा, जबकि दूसरे में कॉमन सर्विस सेंटर संचालित किया जाना है। इसके माध्यम से जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र, आय और जाति प्रमाणपत्र समेत करीब 39 डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराने की योजना है। इसके अलावा बिजली बिल भुगतान, ब्रॉडबैंड सेवा, सस्ती जेनेरिक दवाएं और रोजमर्रा की जरूरत का सामान उपलब्ध कराने की भी योजना है।
अभोली के गौरा और ज्ञानपुर के रायपुर में अन्नपूर्णा भवन पर राशन वितरण होता है, लेकिन यहां अन्य सुविधाएं शुरू नहीं हो सकी हैं।
डीघ ब्लॉक के केदारपुर और बेरासपुर में भवन बने हैं, लेकिन राशन का वितरण नहीं होता है। बेरासपुर में तो कोटेदार अपने घर से राशन वितरित करता है। यही हाल इटहरा और कूड़ी खुर्द में भी है।
अन्नपूर्णा भवन पर कॉमन सर्विस सेंटर शुरू होना चाहिए, जिससे ग्रामीणों और कार्डधारकों को जरूरी प्रमाणपत्र की सुविधा मिल सके। - गिरजाशंकर बिंद, गौरा
सरकारी पैसे से अन्नपूर्णा भवन बना है, लेकिन यहां पर राशन का वितरण नहीं होता। कोटेदार अपने घर से वितरण करते हैं। इसके अलावा अन्य सुविधाएं भी शुरू नहीं हो सकी हैं। - रंग बहादुर यादव, शेरपुर गोपलहां
जिले में अन्नपूर्णा भवन की स्थिति
वर्ष
स्वीकृति
पूर्ण
2023-24
75
75
2024-25
30
15
2025-26
36
निर्माणाधीन
जो अन्नपूर्णा भवन हैंडओवर नहीं हुए हैं, वहां राशन वितरण शुरू नहीं हुआ है। शेष स्थानों पर वितरण हो रहा है। कॉमन सर्विस सेंटर के लिए किसी कोटेदार ने आवेदन नहीं किया है, जिससे यह सेवा शुरू नहीं हो सकी। - अजय सिंह, प्रभारी डीएसओ