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धमाकों के बीच यूक्रेन से निकलकर सुरक्षित घर पहुंचे चित्रांश

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रूस- यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध में जिले के कई छात्र फंसे हुए थे। यूक्रेन की राजधानी कीव से महज दो सौ किलोमीटर दूर डेनिबरो बंकर में फंसे चित्रांश रविवार को सुरक्षित घर पहुंच गए। सही सलामत घर पहुंचे चित्रांश को देखते ही मां की आंखें खुशी से भर गईं। चित्रांश की मां बिंदुरानी ने टीका लगाकर अगवानी की।
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गोपीगंज नगर के तीन बच्चे यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे थे। लाई बाजार निवासी शाह फैसल व मुजैफ हुसैन के बाद चुड़िहारी महाल निवासी राजबली गुप्त का पुत्र चित्रांश गुप्ता भी घर आ गया तो परिवार के साथ नगर की खुशी लौट आई। चित्रांश यूक्रेन की राजधानी कीव से दो सौ किलोमीटर दूर मेडिकल की पढ़ाई कर रहा था, जहां युद्ध के दौरान डेढ़ सौ बच्चों के साथ बंकर में शरण लिए थे। रोमानिया सरकार और वहां की एनजीओ द्वारा दी गई सहूलियत की सराहना की। बेटे के साथ पिता राजबली गुप्ता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके प्रयास से सुरक्षित बेटा घर पहुंच गया।
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