साथ ही समस्याओं को प्राथमिकता केेेे आधार पर निपटाने के लिए जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में प्रशासन पर जाति प्रमाण पत्र निर्गत करने में लापरवाही बरतने और उत्पीडन का आरोप लगाया।
इसके पूर्व संगठन का धरना प्रदर्शन कार्यक्रम गोंडी धर्म के अनुसार इष्टदेव को हल्दी चावल का टीका लगाकर शुरू किया गया। जिलाध्यक्ष महेंद्र कुमार गोंड ने कहा कि गोंड समाज उत्तर प्रदेश के भदोही जनपद में लगभग एक लाख की तादाद में रहते हैं।
लेकिन, प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से जाति प्रमाण जारी करने के लिए फसली अभिलेख मांगा जाता है। भूमिहीन होने से गोंडी समाज के अधिकतर लोग फसली अभिलेख जमा करने में असमर्थ हैं।
जबकि हाईकोर्ट का आदेश है कि कोई एक अभिलेख होने पर भी जाति प्रमाण पत्र जारी किया जा सकता है। आरोप लगाया कि पूर्वाग्रह से प्रेरित प्रशासन गोंड समुदाय को धर्म एवं जाति में परिवर्तित कर रहा है, ताकि गोंड समुदाय के वजूद को कानूनी ढंग से मिटाया जा सके।
2001 की जनगणना के अनुसार जनपद में एक लाख से अधिक गोंड समुदाय की आबादी है। धरना प्रदर्शन में शिव प्रसाद गोंड, इंद्रेश गोंड, रामजीत गोंड, अशोक बिंद, वीर बहादुर गोंड, अशोक गौतम, सुधा, पिंकी, ज्योति, रमाशंकर, सत्य प्रकाश, वेद प्रकाश, जोखन प्रजापति आदि रहे।