आरोप लगाया कि कुछ लोग राजनीतिक साजिश और प्रधानी चुनाव को देखते हुए विरोध कर रहे हैं।
पांच साल में आठ बार जांच हुई, जिसमें हर बार शिकायतें गलत पाई गईं।
नौवीं जांच में शिकायत गलत मिलने पर जिलाधिकारी से शिकायकर्ताओं पर मुकदमा दर्ज करने की मांग की।
बुधवार को सुबह 10 बजे ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे।
परिसर के पूर्वी छोर पर स्थित टीनशेड में सभा कर ग्रामसभा में विकास कार्यों की शिकायत करने वालों पर काम प्रभावित करने का आरोप लगाया।
प्रधान ने कहा कि इंदिरा आवास के कुछ लाभार्थी पैसा लेने के बाद आवास अधूरा छोड़ दिए हैं, उन पर बनवाने के लिए दबाव दिया जा रहा है तो वह शिकायत कर रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी को संबोधित 11 सूत्री ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। धरने में बटेश्वरनाथ, कमलाशंकर उपाध्याय, अवध बिहारी, राजकुमार, राजन, तेजूराम, विजय कुमार, शन्नो बेगम, श्यामा, मुनरा, महदेई, रीता, आरती, विमला, केवला, निर्मला, श्यामलाल, प्रमिला, सितारा, मंगरा देवी आदि मौजूद रहे।