तहसील क्षेत्र के पचौरी गांव निवासी मुंशी सिंह कुशवाहा ( 85) का बृहस्पतिवार की देर शाम निधन हो गया। शुक्रवार को उनके दोनों पुत्र मनोज कुमार सिंह और मुनीब सिंह ने पिता की इच्छानुसार उनका देहदान महर्षि विश्वामित्र स्वशासी राजकीय मेडिकल कॉलेज को सुपुर्द कर दिया।
पुत्र मनोज कुमार सिंह ने बताया कि पिता मुंशी कुशवाहा ने मानवता के लिए अपने शरीर के अंगदान व देहदान का निर्णय लिया था। पिता का मानना था कि मृत्यु के बाद शरीर के काम आने वाले अंग जैसे आंखें, गुर्दे और ब्रेन पार्ट जरूरतमंदों की जान बचाने में सहायक हो सकते हैं।
पिता ने बताया था कि मृत्यु के बाद उनका शरीर दाह संस्कार के बाद मिट्टी का ढेर बन जाता है, जबकि इसके अंग मानव कल्याण में बड़े काम आ सकते हैं। उन्होंने देहदान को महादान बताया था। उन्होंने अपनी मृत्यु के बाद रिश्तेदारों से किसी भी प्रकार के समारोह न करने का आह्वान किया था।