बलिया। सरकारी चिकित्सक के निजी क्लिनिक में प्रैक्टिस करते मिलने पर सिटी मजिस्ट्रेट की ओर से क्लीनिक को सील करने के दौरान आर्थो सर्जन डाक्टर गौरव राय ने उनसे अभद्रता की थी। मामले का शासन ने संज्ञान लिया है। शासन से डाक्टर गौरव राय के संबंध में पूरी रिपोर्ट तलब की गई है। इनके खिलाफ दंडानात्मक कार्रवाई तय मानी जा रही है। वहीं सीटी मजिस्ट्रेट ने उक्त डाक्टर के नाम से शहर में संचालित नर्सिंग होम का रिकाॅर्ड निकलवाया है। उक्त नर्सिंग होम पर भी कार्रवाई की तलवार लटक रही है।
मुख्य विकास अधिकारी ओजस्वी राज ने 29 अगस्त को जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया था। ओपीडी में कई चिकित्सक अनुपस्थित मिले थे। सीडीओ ने चिकित्सकों के सरकारी, निजी आवासों व निजी क्लिनिक का निरीक्षण कर बकायदा वीडियो बनवाया। सीडीओ के निर्देश पर सीटी मजिस्ट्रेट ने अस्पताल के बाहर संचालित जांच दो केंद्र व क्लिनिक को सील किया था। डा. गौरव राय के क्लिनिक को सील करने के दौरान उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट से दुर्व्यहार किया था। इसका वीडियो काफी वायरल हुआ। इस बाबत सीएमओ डा. विजयपति द्विवेदी ने कहा कि शासन से कुछ चिकित्सकों के संबंधित जानकारी मांगी गई थी, जिसे तत्काल उपलब्ध करा दिया गया है। सिटी मजिस्ट्रेट इंद्रकांत द्विवेदी का कहना है कि मैंने पूरी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी है। आगे की कार्रवाई जिला प्रशासन और शासन की ओर से की जानी है।
गैर हाजिर चल रहे चार चिकित्सकों को किया गया बर्खास्त
बलिया। जनपद में 210 चिकित्सकों का पद है, उसके सापेक्ष 95 चिकित्सक है। इसमें 20 लंबे समय से बिना सूचना के गैर हाजिर हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य व्यवस्था लड़खड़ा गई है। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के निर्देश पर प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ने डॉ. प्रमोद कुमार व डॉ. पूजा सिंह को बर्खास्त कर दिया है। वहीं पिछले सप्ताह शासन ने दुबहड़ सीएचसी पर तैनात डॉ. जैन कुमार व मुरली छपरा सीएचसी पर तैनात डॉ. राहुल कुमार को पिछले छह वर्षों गैर हाजिर चलने पर सेवा समाप्त कर दी थी।