लालानगर/ऊंज। राजमार्ग समेत सहायक मार्गों के किनारे स्थित थाना, कोतवाली, चौकियों के मुख्य गेटों के सामने काफी दिनों से खड़े दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को लेकर जिम्मेदार मौन हैं। जिसके कारण किसी दिन बड़ी घटना हो सकती है।
शनिवार को सीओ यातायात थाना ऊंज का वार्षिक निरीक्षण किया, लेकिन उनकी नजर ऐसे वाहनों पर न पड़ने से तरह-तरह के सवाल लोगों में उठे हैं। निर्भय सिंह, अनिल यादव, केएम तिवारी ने पुलिसिंग व्यवस्था पर सवाल उठाया कि दुर्घटनाओं के समय एनएचएआई और संबंधित थाने की पुलिस घायलों को अस्पताल भेजती है। इसके बाद क्षतिग्रस्त वाहनों को उसी दशा में घटना स्थलों पर छोड़ दिया जाता है। यहां तक कि नुकसान उठाने वाले वाहन चालक, मालिक ही अपने खर्च पर टूटे-फूटे वाहनों को या गैरेज ले जाते हैं या थानों के सामने पुलिस खड़ा करा लेती है।
ताजा मामले पर नजर डाले तो 15 दिन पहले टोलप्लाजा-लालानगर के पास छात्र नेता नितेश सिंह निवासी अरई के मौत का कारण बनी सरसों तेल के टीन से लदे ट्रक को गोपीगंज कोतवाली पुलिस ऐसे स्थान पर खड़ा करा दिया है जहां प्रति दिन सिक्सलेन से वाहनों का आवागमन होता है। ऊंज थाने के सामने खड़ी कार तीन दिन पहले सब्जी लदे माल वाहन के पलट जाने से क्षतिग्रस्त हो गई थी। यह तो एक बानगी भर है पुलिस चौकी जंगीगंज, थाना औराई, कोतवाली भदोही, दुर्गागंज, चौरी, सुरियावां के सामने कई-कई माह से खड़े वाहन देखने को मिल जाएंगे। जिससे कभी भी दुर्घटना हो सकती है। सीओ यातायात भूषण वर्मा ने कहा कि दुर्घटनाओं में मुकदमा दर्ज होने के बाद मामले कोर्ट के अधीन होते हैं, जिनका निस्तारण होने पर वाहन हटते हैं। सड़कों के किनारे खड़े वाहनों को हटवा दिया जाएगा।