25 मई को हुई हत्या के मामले में बुधवार को गोपीगंज पुलिस ने आनापुर प्रधान को गिरफ्तार किया। हत्याकांड के बाद से ही आरोपी फरार चल रहा था। सोमवार को पुलिस ने उसे कौलापुर रेलवे क्रासिंग के पास गिरफ्तार किया। प्रकरण में मुख्य आरोपी को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस ग्राम प्रधान को पूछताछ के बाद जेल भेज दिया।
इसी साल 25 मई 2024 को लोकसभा चुनाव के मतदान के दिन कौलपुर रेलवे क्रासिंग के पास एक लाश मिली थी। जिसकी पहचान दुर्बली पुत्र स्वॅ. माताफेर निवासी तुलसीपुर आनापुर के रूप में हुई। मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस की विवेचना के बाद दयाराम गौतम और आनापुर प्रधान चंदन तिवारी का नाम सामने आया।
पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध हत्या, दलित उत्पीड़न समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने उसी दौरान आरोपी दयाराम गौतम निवासी आनापुर को गिरफ्तार कर हत्या में शामिल सामान को बरामद किया। अभियुक्त से पूछताछ एवं विवेचनात्मक कार्रवाई के दौरान साक्ष्य संकलन के आधार पर घटना में अन्य आरोपियों की संलिप्तता प्रकाश में आई।
एसपी डॉ. मीनाक्षी कात्यायन के निर्देश पर शेष वांछित अभियुक्तों की शीघ्र गिरफ्तारी के लिए टीम गठित की गई। प्रभारी निरीक्षक गोपीगंज संतोष सिंह के नेतृत्व में रविवार शाम को पुलिस ने षड्यंत्र के तहत हत्या की घटना में शामिल आरोपी आनापुर प्रधान चंदन तिवारी को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में हत्यारोपी ने मृतक के साथ पुरानी रंजिश और पूर्व में पंजीकृत दुर्घटना के अभियोग में सुलह करने के विवाद के कारण षड्यंत्र के तहत हत्या की घटना कारित करना बताया। गिरफ्तारी टीम में गुफरान अहमद, मनोज यादव, राम विलास यादव, दिनेश कुमार,चंद्रजीत यादव, चंद्रशेखर राय, मिथिलेश सिंह, गोविंद सिंह यादव, अतुल कुमार, अनूप सिंह, मोहित कुमार, जितेंद्र सिंह, जितेंद्र सिंह, राजेंद्र प्रसाद ओझा, हीरालाल वर्मा, धर्मेंद्र कुमार, दीपक मिश्रा, दिनेश कुमार आदि रहे।
चुनावी शोर के बीच दब गया था मामला
मृतक दुर्बली निवासी तुलसीपुर आनापुर की लाश लोकसभा चुनाव के दिन सुबह कौलापुर रेलवे क्रासिंग के पास मिली थी। उसकी हत्या कर क्रासिंग के पास फेंका गया था। चुनावी दिन होने के कारण मामला दब गया। हालांकि बाद में पुलिस ने हत्या समेत अन्य कई धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू की।