ज्ञानपुर। काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के छात्रसंघ चुनाव में हफ्तों की जद्दोजहद के बाद परास्नातक छात्र राजेंद्र कुमार पाल ‘बघेल’ सरताज बन गए। अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी प्रभात पांडेय को 131 मतों से पराजित कर वह अध्यक्ष बने। राजेंद्र कुमार पाल को 693 मत और प्रभात को 562 वोट मिले। इसके अलावा उपाध्यक्ष पद पर राहुल कुमार ओझा (955 मत) ने निकटतम प्रतिद्वंद्वी संजय यादव को 30 मतों से हराया। महामंत्री धर्मेंद्र यादव और पुस्तकालय मंत्री आलोक यादव चुने गए। इसके अलावा संकाय प्रतिनिधि में कला संकाय से संगीता यादव, वाणिज्य से विनोद पांडेय और विज्ञान से गौरव कुमार विजयी घोषित किए गए।
काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में शनिवार को कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच शांतिपूर्ण ढंग से छात्रसंघ चुनाव के लिए मतदान संपन्न हो गया। इस दौरान महाविद्यालय के कुल 37.43 प्रतिशत छात्रों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। मतदान के प्रति छात्राओं में अपेक्षाकृत कम उत्साह दिखा। सुबह साढ़े सात बजे से प्रारंभ होकर मतदान दो बजे समाप्त हो गया। इस दौरान मेन गेट से लेकर अंदर के गेट, कंट्रोल रूम सहित विभिन्न मतदान कक्ष के सामने सुरक्षाकर्मियों की चप्पे-चप्पे पर तैनाती की गई थी।
सुबह साढ़े सात बजे मतदान की शुरुआत के वक्त बूथों पर पहुंचने वाले छात्रों की संख्या काफी कम रही। विज्ञान संकाय भवन में बने छात्राओं के मतदान केंद्र पर तो दस बजे तक पांच से दस मत ही पड़े थे। 11 बजे तक भी इस संख्या में खास बढ़ोतरी नहीं हुई। जबकि छात्रों के लिए बने बूथों पर दस बजे तक दस प्रतिशत और 11 बजे तक 25 फीसदी मतदान हो चुका था। एक बजे तक सर्वाधिक मतदान बूथ नंबर 10 (छात्रों के बूथ) पर हुआ। यहां कुल 551 छात्रों में से 341 ने मतदान किया। जबकि उक्त समय तक छात्राओं का सर्वाधित मतदान संख्या वाला बूथ 14 रहा। यहां 565 छात्राओं में 153 ने मतदान किया था। इसके अलावा सबसे कम मतदान बूथ संख्या 16 पर हुआ, जहां 60 छात्राओं ने मतदान किया था। महाविद्यालय प्रशासन के अनुसार कुल 9082 मतदाताओं में से 3400 ने मतदान किया। खास बात यह रही कि मेन गेट से अंदर पहुंचने के बाद छात्रों को बूथ तक जाने में काफी दिक्कत उठानी पड़ी। छात्राएं तो आसानी से विज्ञान भवन की तरफ चली जा रही थी। लेकिन, अधिसंख्य छात्र उचित जानकारी के अभाव में भटकते रहे। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. पन्नालाल द्विवेदी, चुनाव अधिकारी डॉ. सूर्यबली द्विवेदी ने मतदान केंद्रों का समय-समय पर जायजा लिया। शाम चार बजे मतगणना शुरू हुई और परिणाम की घोषणा रात नौ बजे हुई।