ज्ञानपुर। शुक्रवार तड़के बारिश के साथ तेज हवा ने किसानों को हिलाकर रख दिया है। तिलहन, दलहन की फसलों से पहले ही लगभग हाथ धो चुके किसानों को अचानक मौसम के बिगड़े मिजाज ने तगड़ा झटका दिया। तेज हवा से गेहूं की अगैती फसल कई स्थानों पर खेतों में लोट गई।
10 से 26 जनवरी के मध्य दो बार झमाझम बारिश के चलते तिलहनी और दलहनी फसल करीब 50 फीसदी से अधिक नष्ट हो चुकी है। करीब पखवारे भर तक मौसम साफ होने से सभी लोग ठंड को जाते हुए कह रहे थे लेकिन बृहस्पतिवार को मौसम ने एक बार फिर पलटी मारी।
शाम होते-होते आसमान में बादल छा गए और ठंडी हवाओं से कंपकंपी बढ़ गई। शुक्रवार को भोर में करीब तीन बजे से झमाझम बारिश शुरू हो गई जो सुबह नौ बजे तक हुई। बारिश के साथ तेज हवा चलने से गेहूं की अगैती फसल धराशायी हो गई।
पहले ही मौसम की मार सह चुके किसानों के लिए यह बारिश दोहरा नुकसान दे दिया है। अचानक हुई बारिश से नगर से लेकर ग्रामीण अंचल तक जलजमाव हो गया। कीचकाच से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। बारिश से मौसम में नमी होने से ठंड में इजाफा हो गया है। गर्म कपड़ों का लगभग त्याग कर चुके लोग शुक्रवार को सुबह से ही गर्म कपड़े पहने और कंबल ओढ़े हुए दिखे।
देवाजितपुर के किसान भोलानाथ उपाध्याय ने कहा कि बारिश गेहूं की फसल के लिए नुकसानदायक नहीं है लेकिन तेज हवाओं के कारण फसल गिरने से पैदावार पर असर पड़ेगा।