बोर्ड परीक्षा खत्म होने के बाद उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन की कवायद शुरू हो गई है। एक बार फिर विभूति नारायण राजकीय इंटर कालेज को मूल्यांकन केंद्र बनाया गया है। 30 मार्च से हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन शुरू हो जाएगा। 88 टेबलों पर 798 परीक्षक कापियां जांचेंगे। मूल्यांकन केंद्र के मुख्य नियंत्रक खुद डीआईओएस होंगे जबकि प्रधानाचार्य जीआईसी उप नियंत्रक बनाए गए हैं। निगरानी बेहतर करने के लिए दो उप सह नियंत्रक भी बने हैं।
18 फरवरी से शुरू हुई परीक्षा 21 मार्च को भूगोल के प्रश्नपत्र के साथ खत्म हो गई। परीक्षा खत्म होने के बाद ही उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन की तैयारी शुरू हो गई। बोर्ड से परीक्षकों की सूची आने के बाद से ही विभाग मूल्यांकन केंद्र की व्यवस्था बेहतर करने में जुट गया है। कुर्सी-टेबल सही कराने के साथ ही खराब हो चुके पंखो को दुरुस्त कराया जा रहा है। उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए हाईस्कूल में 45 टेबलों पर 429 परीक्षक और इंटरमीडिएट में 43 टेबलों पर 369 परीक्षक लगाए गए हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक संतोष कुमार मिश्र ने कहा कि 30 मार्च से शुरू हो रहे मूल्यांकन के पहले दिन परीक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। 31 मार्च से मूल्यांकन की शुरूआत होगी।
उन्होंने बताया कि वह खुद मुख्य नियंत्रक होंग और प्रधानाचार्य वीएनजीआईसी शिवेंद्र प्रताप सिंह को उप नियंत्रक बनाया है। इसके अलावा विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक प्रेमचंद्र यादव और अशोक त्रिपाठी को उप सह नियंत्रक बनाया गया है।