ज्ञानपुर। जिले में 87 नाबालिगों ने ई-रिक्शा की स्टेयरिंग पकड़ खुद के साथ दूसरे की जान से खिलवाड़ कर रहे थे। यातायात विभाग की ओर से ई-रिक्शा के सत्यापन में यह आंकड़ा सामने आया। विभाग इनके परिजनों को इसकी सूचना देते हुए सख्त हिदायत के साथ छोड़ दिया गया। विभाग का मानना है कि मानवीय संवेदना को ध्यान में रखकर यह कदम उठाया गया है। अगर नहीं माने तो आगे चालन और वाहन सीज करने की कार्रवाई भी होगी।
जिले में बेतहाशा बढ़ते ई-रिक्शा लोगों के लिए मुसीबत बनते जा रहे है। आड़े-तिरछे पार्किंग के अलावा नाबालिग और अनट्रेंड युवाओं के ई-रिक्शा चलाने के कारण अक्सर जाम और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। खासकर गोपीगंज और भदोही नगर में सबसे अधिक यह समस्या देखने को मिलती है। गोपीगंज का खड़हट्टी महाल, मिर्जापुर रोड, गल्ला मंडी के अलावा भदोही में इंदिरा मिल चौराहा, स्टेशन रोड और लिप्पन तिराहा जैसे इलाके में जाम की झाम में फंसे रहते हैं। इसमें ई-रिक्शा चालक भी एक बड़ा कारण बनकर उभरे थे, जो गली-गुच्चों से लेकर हर तरफ ई-रिक्शा पार्किंग कर देते थे। इनकी संख्या दिनों दिन बढ़ती ही जा रही है। इस पर अंकुश लगाने के लिए विभाग की ओर से ई-रिक्शा चालकों का सत्यापन कर रहा है। यातायात विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिले में कुल 485 ई-रिक्शा पंजीकृत हैं। जिसमे अब तक 355 ई-रिक्शा का सत्यापन किया जा चुका है। जिसमें 87 ई-रिक्शा चालक नाबालिग पाए गए। सत्यापन के दौरान गैर पंजीकृत व बिना नंबर के 50 ई-रिक्शा का चालान भी किया गया है। यातायात प्रभारी शशिकांत यादव ने बताया कि सत्यापन के दौरान जिले से बाहर के चालकों की संख्या का पता लगाने के साथ ही पंजीकृत, गैर पंजीकृत और बिना नंबर और नाबालिग चालकों को देखा जा रहा है। नाबालिग मिलने वाले 87 चालकों के साथ मानवीय संवेदना अपनाने हुए उनके परिजनों को इसकी सूचना दी गई और आगे से ई-रिक्शा न चलाने की हिदायत दी गई। इसके अलावा गैर पंजीकृत और बिना नंबर के 50 वाहनों का चालान भी किया गया है। बताया कि सत्यापन में अब तक एक भी चालक जिले के बाहर के नहीं मिले हैं।