जिले के अलग-अलग कान्वेंट स्कूलों में 864 गरीब बच्चे पढ़ने जाएंगे। अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार के तहत जिले के 1006 बच्चों ने इन विद्यालयों में दाखिले के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। इनमें से 864 विद्यार्थी प्रवेश के लिए योग्य मिले हैं। पहले बैच में विभिन्न ब्लॉक क्षेत्रों के विद्यालयों में छह सौ बच्चों का प्रवेश करा दिया है।
शासन ने गरीब परिवारों के बच्चों को भी अनिवार्य बाल शिक्षा के अधिकार के तहत कान्वेंट स्कूलों में दाखिला दिलाने का निर्देश दिया है। इसके तहत ऑनलाइन आवेदन प्राप्त किए जाते हैं। आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों के अभिभावकों ने अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। इसके लिए 1006 आवेदन आए थे। इनमें से 142 आवेदन निरस्त हो गए और 864 विद्यार्थी दाखिले के लिए योग्य मिले। विभाग के मुताबिक चयनित बच्चों में से छह सौ विद्यार्थियों का कान्वेंट स्कूलों में दाखिला करा दिया गया है। इन्हें मुफ्त शिक्षा मिलेगी। बीएसए भूपेंद्र नारायण सिंह के अनुसार लाटरी सिस्टम से बच्चों के नाम निकाले गए। जिन बच्चों का चयन हुआ है, उनमें से छह सौ का तो दाखिला हो गया है, अन्य के अभिभावक अपने ब्लॉक के बीईओ से संपर्क कर बच्चों का दाखिला करा सकते हैं। उन्होंने बताया कि मान्यता प्राप्त प्राइवेट विद्यालयों के लिए शासन स्तर से मानक तय किया गया है।