ज्ञानपुर। लोकसभा चुनाव में इस बार निर्वाचन आयोग ने प्रत्याशियों के लिए आपराधिक रिकॉर्ड को सार्वजनिक करना अनिवार्य किया है। उन्हें सबसे ज्यादा प्रसार वाले समाचार पत्रों में विधिवत विज्ञापन भी देकर इसे सार्वजनिक करना है, लेकिन भदोही संसदीय सीट के किसी भी प्रत्याशी ने अब तक ऐसा नहीं किया है, जबकि प्रमुख दलों के लगभग सभी प्रत्याशियों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं।
17वीं लोकसभा के चुनाव के लिए भदोही सीट पर 12 मई मतदान होना है। इसके लिए नामांकन की प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है। अधिसूचना जारी होने के साथ ही चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि आपराधिक रिकॉर्ड वाले प्रत्याशियों को इस ब्योरे को सार्वजनिक करना होगा। विवरण से आयोग को अवगत कराने के साथ ही क्षेत्र के अधिकतम प्रसार वाले अखबारों में इसका विज्ञापन भी प्रकाशित कराना होगा। मतदान में अभी 12 दिन का समय है, लेकिन भदोही संसदीय सीट के किसी भी प्रत्याशी ने आयोग के इस निर्देश का पालन अब तक नहीं किया है।
जहां आपराधिक रिकॉर्ड का सवाल है, सबसे ज्यादा लगभग 16 मुकदमे भाजपा प्रत्याशी रमेश चंद्र बिंद के ऊपर दर्ज हैं। इसमें अलग-अलग प्रकृति के मामले हैं। गठबंधन के प्रत्याशी रंगनाथ मिश्र के ऊपर आय से अधिक संपत्ति समेत पांच मुकदमें हैं। आय से अधिक संपत्ति मामले में वह जमानत पर हैं। इसी तरह कांग्रेस प्रत्याशी और आजमगढ़ के पूर्व सांसद रमाकांत यादव पर भी दो मुकदमे दर्ज हैं। प्रत्याशियों ने इसका जिक्र अपने नामांकन के दौरान शपथ पत्र में भी किया है।
कुछ छोटे दलों और निर्दलियों पर भी आपराधिक मामले दर्ज हैं। प्रत्याशियों को आपराधिक ब्योरा सार्वजनिक करने के साथ ही उसका प्रमाण भी रिटर्निंग ऑफिसर के यहां जमा कराना है। हालांकि तीनों प्रमुख प्रत्याशियों और दलों से जुड़े लोगों का कहना है कि प्रत्याशी जल्द ही आपराधिक रिकॉर्ड सार्वजनिक कर सकते हैं। इस संबंध में उप जिला निर्वाचन अधिकारी राम सिंह वर्मा ने कहा कि प्रत्याशियों को आपराधिक रिकॉर्ड को सार्वजनिक करना अनिवार्य है। साथ ही उसका प्रमाण भी जिला निर्वाचन को देना होगा।