लालानगर। सोमवार को राजमार्ग पर लगभग सात किलोमीटर लंबा जाम लगा। सकरे सर्विस लेन पर वाहनों का पहिया जाम होने के कारण चकपड़ौना से लेकर लालानगर टोल प्लाजा तक वाहनों की कतार लग गई। सुबह आठ बजे ही शुरू हुई जाम की स्थिति रुक-रुक कर पूरे दिन बनी रही। जाम से सबसे ज्यादा परेशानी गोपीगंज नगर में देखी गई। इस दौरान पुलिस-प्रशासन और एनएचएआई की लापरवाही जगह-जगह दिखी।
एनएच-2 को सिक्सलेन में परिवर्तित करने का कार्य चल रहा है। इस बाबत पिलरयुक्त ओवरब्रिज, ड्रेन, अंडरपास निर्माण कार्य चल रहे हैं। इस दौरान जनसहूलियतों का समुचित ध्यान न देने से आवागमन की समस्या बढ़ गई है। खासकर गोपीगंज नगर में जाम की समस्या कुछ ज्यादा ही बढ़ गई है। निर्माण कार्य के साथ-साथ आवागमन को प्रभावित न होने देने के लिए प्राधिकरण ने सर्विस लेनों पर यातायात शुरू करवा दिया है, लेकिन सर्विस लेन की सड़क काफी सकरी होने के कारण हालात विकट हो गए हैं। ऊपर से इन पर दोनों तरफ अस्थायी दुकानों का अतिक्रमण है सो अलग। पूर्वी एवं पश्चिमी छोर पर मार्ग को डायवर्ट कर दिए जाने से अचानक बढ़े यातायात के दबाव को सर्विस लेन नहीं सहन कर पा रही है।
इसके कारण सोमवार को लालानगर स्थित टोलप्लाजा से चकपड़ौना-कौलापुर तक तकरीबन सात किमी लंबा जाम लगा। इस दौरान प्रचंड धूप और गर्मी में वाहन चालक और यात्री घंटों तक जाम में फंसकर बेहाल हो गए। इस दौरान कहीं भी पुलिस नहीं दिखी। हैरानी की बात यह है कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और कार्यदायी संस्था ने निर्माण कार्य के दौरान जनसहूलियतों का ध्यान नहीं रखा है। इससे पूरे दिन लोग जाम में उलझकर झेलते रहे। दोपहर बाद कुछ देर के लिए वाहनों की रफ्तार तेज हुई, लेकिन शाम को हालात फिर बिगड़ गए और देर शाम तक जाम में फंसकर लोग हांफते रहे। इस संबंध में पूछने पर पुलिस-प्रशासन के उच्चाधिकारियों ने एनएचएआई की जिम्मेदारी बताते हुए पल्ला झाड़ लिया।