भदोही। वार्ड नंबर दो मामदेवपुर की सरोज बस्ती 23 सालों से अंधेरे में है। बस्ती में रहने वाले 70 परिवारों को बिजली कनेक्शन नहीं मिला है। वर्ष 2002 में आई आंधी से यहां लगे बिजली के पोल टूट गए थे। जिसके बाद आज तक यहां न तो नए पोल लग सके और न ही घरों में बिजली कनेक्शन हो सके। बस्ती के लोग नगर पालिका की ओर से लगाए गए स्ट्रीट लाइट के खंभे से तार लेकर किसी तरह एक बल्ब जलाते हैं।
इस समय 40 डिग्री के आसपास गर्मी पड़ रही है। भीषण गर्मी में दो से तीन घंटे के लिए भी लाइट कटती है तो लोगों के ऊपर मुसीबत टूट पड़ती है, लेकिन भदोही नगर के वार्ड नंबर दो मामदेवपुर के सरोज बस्ती का 70 परिवार 23 सालों से हर रोज हर घंटे यह दंश झेल रहा है।
जिले में सौ करोड़ की आरडीएसएस योजना चलाई जा रही है। दावा किया जा रहा है कि योजना के तहत 70 फीसदी से अधिक काम हो चुका है, लेकिन इस योजना के दावे की हकीकत मामदेवपुर की सरोज बस्ती में आकर दम तोड़ देती है। साल 2002 में तेज बारिश और आंधी में बस्ती में लगे 12 पोल धरासाई हो गए। साल 2002 का वह दिन और आज का दिन। बिजली निगम के अधिकारी अब तक इस बस्ती में नए पोल नहीं लगा पाए। इसका खामियाजा यहां की करीब 400 की आबादी भुगत रही है। बिजली न होने से वे किसी तरह नगर पालिका की ओर से प्रकाश व्यवस्था के लिए लगाए गए पोल से तार जोड़कर एक लाइट जलाते हैं, लेकिन बस्ती में 23 सालों किसी के घर में पंखा नहीं चल सका।