ज्ञानपुर। जिले की 561 में से 550 ग्राम पंचायतें विकास को लेकर उदासीन बनी हैं। प्लान प्लस के तहत 2020-21 के प्रस्तावित कार्यों की सूची अपलोड न करने पर पंचायत राज विभाग ने नाराजगी जताई है। डीपीआरओ ने सभी प्रधानों को अल्टीमेटम दिया है। तीन दिन में अपलोड न करने पर सभी के खिलाफ नोटिस जारी किया जाएगा।
राज्य वित्त, स्वच्छ भारत मिशन और 14वें वित्त से ग्राम पंचायतों में शौचालय, खड़ंजा, मनरेगा समेत अन्य विकास कार्य कराए जाते हैं। इसके लिए हर वित्तीय वर्ष के समाप्त होने से पूर्व ही नए वित्तीय वर्ष के कार्यों का प्रस्ताव बनाकर विभाग के सॉफ्टवेयर प्रिया साफ्ट पर अपलोड किया जाता है। मार्च में कोरोना वायरस के कारण सभी कार्य स्थगित हो गए थे। लॉकडाउन के चौथे चरण से पंचायत राज विभाग की ओर से प्लान प्लस के कार्यों को अपलोड कराने के लिए हिदायत दी जा रही है, लेकिन ग्राम पंचायतें उदासीन बनी हुई हैं। आलम यह है कि 561 ग्राम पंचायतों में अब तक सिर्फ 11 ही ने ऑनलाइन अपलोडिंग की है, जबकि 550 ग्राम पंचायतों ने विभागीय आदेशों को नजरअंदाज कर दिया है।
ज्ञानपुर, सुरियावां, डीघ, औराई में दो से तीन ग्राम पंचायतों ने जरूरी प्रस्तावों को अपलोड किया, जबकि भदोही और अभोली के एक भी गांव ने ध्यान नहीं दिया। जिला पंचायत राज अधिकारी बालेशधर द्विवेदी ने कहा कि प्लान प्लस का प्रस्ताव दिए बिना एक भी कार्य प्रधान नहीं करा सकेंगे। तीन दिन के अंदर अगर पंचायतों की ओर से वेबसाइट पर प्रस्ताव अपलोड नहीं हुआ तो विभागीय कार्रवाई की जाएगी।