ज्ञानपुर। किसी न किसी मामले को लेकर अक्सर चर्चा में रहने वाली नगर पंचायत ज्ञानपुर एक बार फिर सवालों में घिर गई है। वार्ड एक और दो में इंटरलॉकिंग और नाली निर्माण के लिए निर्धारित काम के लिए 17 लाख से अधिक की लागत बढ़ा दी गई है, जिसकी शिकायत कुछ सभासदों ने डीएम से की तो डीएम ने आख्या तलब कर ली।
नया सवेरा योजना के तहत नगरीय मोहल्लों को कीचड़मुक्त एवं जल निकासी के लिए नगर पंचायत और पालिकाएं काम कराती हैं। ज्ञानपुर नगर पंचायत के वार्ड एक गोपीपुर में चहेते ठेकेदार को लाभ देने के लिए एक अक्तूबर को दो खंडों में 18 लाख की निविदा जारी की गई। इसी तरह वार्ड दो बड़ाडीह में 27 लाख 88 हजार की निविदा जारी की गई। उस दौरान सभासदों ने शिकायत की तो एडीएम ने दोनों निविदाओं को निरस्त कर दिया। अब वही निविदा ऑनलाइन मांगी गई है। जो कार्य पूर्व में होने थे वही कार्य अब भी होने हैं, लेकिन उसकी लागत को 30 से 40 फीसदी तक बढ़ा दिया गया। वार्ड एक गोपीपुर में जो कार्य 18 लाख 50 हजार में होना था, वह अब 22 लाख 69 हजार का किया गया है। इसी तरह वार्ड दो बड़ाडीह में 27 लाख 88 हजार की निविदा को अब बढ़ाकर 40 लाख 61 हजार कर दिया गया है। दोनों निविदाओं में करीब 17 लाख की लागत बढ़ा दी गई, जबकि काम कराने की दूरी और काम भी वही है। ज्ञानपुर नगर पंचायत के कुछ सभासदों ने डीएम को प्रार्थना पत्र देकर मामले की शिकायत की। इसको संज्ञान में लेते हुए डीएम ने मामले की पूरी आख्या तलब कर ली। प्रशासनिक सख्ती के बाद ई- टेंडरिंग तो हुई पर निविदा की धनराशि को लेकर सवाल उठने लगे हैं। मामले में चौंकाने वाला एक और तथ्य सामने आया है। वार्ड एक में 26 मई 2018 को जिस कार्य के लिए नौ लाख 29 हजार की निविदा जारी हुई थी, उसी काम को दूसरी बार की निविदा को भी दिखाया गया है। इसको लेकर नगर पंचायत की कार्यप्रणाली ही सवालों में घिर गई है।
एडीएम राम सिंह वर्मा ने कहा कि पूर्व में टेंडर में गड़बड़ी की गई थी तो उसे निरस्त किया गया था। दूसरी बार ऑनलाइन टेंडर किया गया है। उसकी आख्या मांगी गई है। अगर कोई गड़बड़ी की गई होगी तो कार्रवाई की जाएगी।