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Bhadohi News: 40 हजार भक्तों ने की मां कालरात्रि की आराधना, महाष्टमी आज

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चैत्र नवरात्र की सप्तमी तिथि पर शुक्रवार को भक्तों ने मां कालरात्रि की आराधना की। मां से दुख, शोक, भय से मुक्ति की कामना की। जिले के विभिन्न देवी मंदिरों में करीब 40 हजार श्रद्धालुओं शीश नवाया। देवी मंदिरों में सुगंधित पुष्पों से मां कालरात्रि का शृंगार किया।
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अलाैकिक स्वरूप का दर्शन कर श्रद्धालु निहाल हो गए। डुहिया भावसिंहपुर निवासी आचार्य दीनानाथ शुक्ल ने बताया कि पांच अप्रैल शनिवार को रात 12.4 बजे से नवमी तिथि लग जाएगी। नवमी तिथि रविवार रात 11.13 बजे तक रहेगी।
इसके बाद दशमी तिथि लग जाएगी। भक्त अष्टमी का व्रत शनिवार को रख सकते हैं। श्रद्धालु सात अप्रैल को सूर्योदय के बाद व्रत का पारण कर सकते हैं। कहा कि नवमी तिथि में भी कन्या पूजन करके व्रत का पारण किया जा सकता है।
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गोपीगंज सदर मोहाल स्थित प्राचीन दुर्गा मंदिर, चौरा माता मंदिर, बंबा देवी, काली माता मंदिर काली महाल, शीतला माता मंदिर लालापुर, मां शीतला धाम डेरवां, शक्ति धाम तिंलगा, ज्ञानपुर के घोपइला मंदिर, हरिहर नाथ परिसर स्थित मां काली देवी मंदिर में सुबह से ही दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा है। देवी मंदिरों में देर शाम तक भजन कीर्तन, पंचरे का दाैर चलता रहा।
ऐसे करें पारण : गोपीगंज। ज्योतिषाचार्य पंडित प्रमोद तिवारी ने बताया कि नवमी के दिन मां दुर्गा की विधि-विधान से पूजन अर्चन करना चाहिए। उन्हें भोग अर्पित करें। पांच बार आरती करें। देवी गीत पंचरा गीत गाए, इसके बाद नौ कन्या का पूजन करें।
कन्याओं का पैर धोकर, उन्हें थाली हलवा, पूड़ी, खीर और चने परोसे। कन्याओं को दक्षिणा और उपहार देकर आशीर्वाद प्राप्त करें। महाप्रसाद के साथ व्रत खोलना उत्तम माना जाता है।
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बताया कि नवरात व्रत पारण करने के लिए नवमी की समाप्ति के बाद अर्थात दशमी तिथि को ही उत्तम माना जाता है।
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