ज्ञानपुर। गेहूं की बुआई के बीच पहली सिंचाई भी शुरू हो चुकी है लेकिन गोदाम पर अभी तक यूरिया की 35 फीसद आमद हो पाई है। जिससे आने वाले समय में डीएपी के बाद यूरिया संकट गहराना तय माना जा रहा है, हालांकि विभाग अभी से लक्ष्य के सापेक्ष आपूर्ति कराने में जुट गया है।
गेहूं की बुआई हो रही है। फिलहाल इसके लिए डीएपी की मांग है। कृषि विभाग के मुताबिक गेहूं की बोआई के लिए 48896 हेक्टेयर क्षेत्रफल का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें अब तक 55 प्रतिशत यानी 24625 हेक्टेयर क्षेत्रफल में बोआई हो सकी है। मिचौंग तूफान के कारण हुई बारिश से धान की तैयारी और गेहूं की बोआई पर असर पड़ा है। बोआई के समय डीएपी की मांग रहती है। उम्मीद की जा रही है कि एक हफ्ते में गेहूं की बोआई पूरी हो जाएगी। शुरुआत में डीएपी के लिए हाहाकार था लेकिन अब डीएपी संकट कम होने लगा है।
किसानों का कहना है कि अगैती गेहूं की पहली सिंचाई का वक्त आ गया है। उस समय यूरिया की जरूरत होगी लेकिन यूरिया की आमद कम हो रही है। अभी समितियों पर मात्र 400 टन यूरिया भेजी गई है जबकि 1100 टन गोदाम में है। गेहूं की खेती के लिए 7400 टन यूरिया की जरूरत है लेकिन अब तक 2200 टन ही यूरिया आ सकी है।
सोमवार को अमर उजाला ने चौरी के वेदमनपुर, अभोली के शेरपुर गोपलहां, अभोली, औराई के कैयरमऊ में डीएपी मौजूद है। घोसिया की सीमिति पर डीएपी जरूर नहीं है। एआर सहकारिता राघवेंद्र शुक्ला ने बताया कि दो दिन पूर्व एक हजार टन डीएपी मिलने से अब दिक्कत नहीं है। यूरिया 2200 टन उपलब्ध है। 20 से 25 दिसंबर तक एक हजार की दो रैक आने वाली है। तब यूरिया की किल्लत नहीं होगी।
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52 में 30 समितियों पर डीएपी की मौजूदगी
ज्ञानपुर। जिले की 52 सहकारी समितियों में 30 में डीएपी उपलब्ध है। विभाग का दावा है कि 12 से 15 समितियां डिफाल्टर हो चुकी हैं। वहां खाद की आपूर्ति नहीं की जाती है। आत्मनिर्भर भारत योजना के तहत उनको उच्चीकृत किया जा रहा है। आगामी सीजन से उन पर भी आपूर्ति शुरू हो जाएगी।
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क्या बोले किसान
- किसान सेवा सहकारी समिति घोसिया पर खाद लेने आया, पर मिल नहीं सका। बताया गया कि यहां कागजी दिक्कत से डीएपी भेजी नहीं गई। अब दूसरी समिति से प्राप्त करेंगे।- लक्ष्मीशंकर चौबे
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- गेहूं बुआई के शुरूआत से ही डीएपी की दिक्कत बनी है। सभी समितियों पर न आने से काफी दिक्कत होती है। हर साल ही ऐसी समस्या होती है। -चंद्रकांत तिवारी।
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फिलहाल नहर में पानी आने के आसार नहीं
ज्ञानपुर। गेहूं की बोआई के साथ ही नहरों पर आश्रित करीब 10 हजार से अधिक किसानों को पहली सिंचाई के लिए भी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। सिल्ट की सफाई के नाम पर ज्ञानपुर पंप कैनाल 25 दिसंबर तक बंद है। छठ पूजा में नहर चालू करने से सफाई देरी से शुरू हुई है। ऐसे में समय से नहर चालू कर पाना विभाग के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। एक्सईएन नहर पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि 26 दिसंबर से नहर चालू होनी है लेकिन बारिश एवं छठ पूजा में नहर में पानी छोड़ने के कारण सफाई विलंब से शुरू हो पाई है। दो से तीन दिन विलंब से पंप कैनाल शुरू कराया जाएगा।