ज्ञानपुर। जिले में धान की रिकार्ड खरीद के बाद अब चावल के भंडारण को लेकर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। सरकारी गोदाम फुल होने से भंडारण को लेकर विपणन विभाग की भी मुश्किलें बढ़ गई हैं। मिलरों के यहां करीब 33 हजार एमटी चावल डंप पड़ा है, हालांकि विभाग जल्द ही व्यवस्था सही करने का दावा कर रहा है। आलम यह है कि हरियांव में गोदाम के बाहर चावल से भरे ट्रकों की लंबी कतार लगी है। मौसम बिगड़ा तो अनाज को बचा पाने की गुंजाइश नहीं है।
शासन से जिले में धान खरीद के लिए 86 हजार 900 एमटी लक्ष्य मिला है। इसके लिए 42 केंद्र बनाए गए हैं। शुरुआती दिनों को छोड़ दिया जाए तो माह भर धान की अच्छी खरीद हुई। जिससे खरीद 110 फीसदी होकर 99 हजार 593 एमटी हो चुका है। केंद्रीय पुल में चावल संप्रदान के लिए मिलरों के यहां से भेजा जा रहा है। धान की खरीद के बाद 53 हजार 915 एमटी चावल केंद्रीय पूल में पहुंचना है, जिसमें अब तक 20 हजार एमटी पहुंच सका है। जिले में एफसीआई हरियांव डिपो की क्षमता केवल 7500 एमटी की है, जो फुल होने के करीब पहुंच चुका है। वहीं केंद्रीय भंडारण निगम बभनौटी डिपो की क्षमता 5000 एमटी है। पीडीएस प्रणाली के तहत भी चावल का उठान कम हो पा रहा है। राइस मिलों में चावल डंप पड़ा है। इससे राइस मिल मालिक भी परेशान हैं। दराई के लिए चयनित 23 राइस मिलों में जगह की कमी हो गई है। इससे धान की दराई धीमी हो गई है। विभागीय आंकड़ो पर गौर किया जाए तो अब तक 20 हजार एमटी चावल गोदामों में पहुंच चुका है जबकि पांच हजार एमटी और जाएगा लेकिन 33 हजार एमटी चावल के भंडारण की समस्या को लेकर विभाग के पसीने छूटने लगे है। फरवरी तक धान खरीद से आगे भी समस्या बढ़ेगी। गोदामों में जगह न होने से ट्रकों की लंबी-लंबी कतार लग रही है।